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Sunday, December 17th, 2017 04:11 AM
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105 साल बाद मिला टाइटेनिक पर लिखा हुआ पत्र, करोड़ों में हुआ नीलाम




105 साल बाद मिला टाइटेनिक पर लिखा हुआ पत्र, करोड़ों में हुआ नीलामSocial

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आपने टाइटैनिक जहाज के बारे में तो सुना ही होगा। इस जहाज के बारे में दावा किया जाता था कि ये कभी नहीं डूबेगा, लेकिन एक ऐसी अनहोनी घटी जिससे पहली बार यात्रा के दौरान ही ये जहाज लाखों लोगों को अपने साथ ले डूबा। लंदन के इस आलीशान जहाज आरएमएस के डूबने पर कई यात्रियों ने अपने अनुभव लिखे थे। हाल ही में एक यात्री का पत्र मिला है, जो उसने जहाज पर रहते हुए अपनी मां को लिखा था। इस शख्स का नाम था एलेक्जेंडर। उनकी कोट की जेब से ये लेटर करीब 105 साल बाद मिला है। इस लेटर पर 13 अप्रैल 1912 की तारीख डली हुई है। एलेंक्जेंडर ने शाम के समय अपनी मां को पत्र लिखकर अपने सही सलामत रहने की खबर बताई थी।

उन्होंने टाइटैनिक का भव्यता के बारे में भी अपनी मां को बताया था। यहां की सुविधाओं और जहाज के डेकोरेशन की भी खूब तारीफ की थी, लेकिन अनहोनी कहकर नहीं आती। उनके इस पत्र लिखने के दो दिन बाद ही टाइटैनिक डूब गया। लेकिन अब जहाज पर सवार हुए इस यात्री का पत्र नीलाम हो गया है। इसकी नीलामी 1.08 करोड़ रूपए में हुई है। आप भी सोच रहे होंगे कि ऐसा क्या खास है इस पत्र में जो करोड़ों में नीलाम हुआ। तो हम आपको बता दें कि खासियत इस पत्र में नहीं बल्कि इस पत्र में दी गई जहाज की जानकारी में है।

इस पत्र में टाइटैनिक के बारे में लिखा हुआ है। इतने सालों बाद टाइटैनिक डूबने के बाद इसके अवशेषों में ये खत मिला है, जो काफी रोचक बात है। इस खत को पढऩे की उत्सुकता हर किसी में होगी। इसमें जिस तरह जहाज का वर्णन किया है, वह किसी का नीजि अनुभव है और इस पत्र से टाइटैनिक की भव्यता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

ये लिखा पत्र में-
मेरी प्यारी मां,

हम यहां कुशल और खुश हैं। यहां लंदन का मौसम बहुत अच्छा है। हम टाइटैनिक जहाज से रवाना हुए हैं। इस जहाज की भव्यता के बारे में क्या कहूं।ये किसी राजशाही महल से कम नहीं है। जहाज पर खाना और खासतौर से म्यूजिक बहुत अच्छा है। ये यात्रा मेरे लिए कभी न भूलने वाली यात्रा बनने वाली है। मां, अगर सबकुछ सही रा तो हम मंगलवार तक न्यूयॉर्क पहुंच जाएंगे। मैं आपके लिए टाइटैनिक जहाज का एक पोस्ट कार्ड भेज रहा हूं। साथ ही इसके पोस्टकार्ड वाली एक किताब भी भेज रहा हूं, जिसमें इस जहाज की भव्यता देखी जा सकती है।

सुबह होते ही हिमशिला से टकरा गया था जहाज-

रिपोट्र्स के अनुसार एलेक् जेंडर के पत्र लिखने के दूसरे दिन ही टाइटैनिक उत्तरी अटलांटिक में एक हिमशिला से टकरा गया। इस हादस में करीब 1500 लोग मारे गए थे। एलेक्जेंडर की भी मौत हो गई थी, लेकिन ये पत्र अब मिला है।

 

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