page level


Tuesday, August 14th, 2018 04:29 PM
Flash

10वीं के छात्रों ने 25 दिन में मात्र 70 रूपए खर्च कर बनाई ATM मशीन




Education & Career



एटीएम मशीन पहली बार दुनिया में 27 जून 1967 में आई थी। 2017 में उसे 50 साल पूरे हो गए है। जिसकी कीमत लाखों रूपए में होती है। लेकिन हाल ही में इंदौर के एक सरकारी स्कूल के दसवीं क्लास के बच्चें ने एटीएम का एक मॉडल तैयार किया है। जो चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मॉडल को चार छात्र अर्जुन गोयल, दीपक कटारे, विकास गोड और विशाल केवत ने स्कूल के प्रिंसीपल और बैकिंग वोकेशनल ट्रैनर के गाइडेंस में बनाया है। इस एटीएम से पैसे जमा भी कर सकते है और निकाल भी सकते है।

25 दिन में 70 रूपए का एटीएम कार्ड

इस मॉडल को तैयार करने में पुराने मोबाइल और इसकी बैट्री से यह मॉडल तैयार किया है। इस मॉडल को बनाने में 25 दिन में मात्र 70 रूपए खर्च कर बनाया है। छात्र विकाश बडवाया ने बताया, ‘विशाल केवट ने बताया कि इसमें एक ही मशीन से रूपए जमा भी किए जा सकते हैं और निकाले भी जा सकते हैं। इस मशीन में दो बटन है जिसमें हरे रंग के बटन को दबाने से रूपए जमा होंगे वहीं लाल बटन दबाने पर एटीएम से रूपए निकलेंगे।

खिलौनी की बैटरी का उपयोग

वहीं मोबाइल और रिमोट से चलने वाली खिलौना गाड़ी की बैटरी का उपयोग किया। इसके अलावा इसमें उपर की ओर एक मोटर लगाई है। जिसमें पेन लगाया है पेन पर रबर लगाया है जो नोट को अंदर की ओर खींचता है तथा नीचे की ओर भी मोटर लगाई है जिसमें भी पेन लगाकर उस पर रबर लगाया है। वहीं इसमें एक तार लगाया है। जिसके कारण इस मशीन से एक के बाद एक नोट निकल सकें।

एटीएम मशीन में स्पीकर के बक्से

स्कूल की प्राचार्य वंदना श्रीवास्तव के मार्गदर्शन ने और वोकेशनल ट्रेनर शर्मा ने बताया कि वेस्ट मटेरियल से एक आधुनिक एटीएम मशीन का निर्माण किया गया है। छात्र अर्जुन गोयल और दीपक कटारे ने बताया कि एटीएम मशीन को बनाने में स्पीकर के बक्से का उपयोग किया है।

यह भी पढ़ें

बजट के बाद बैंको ने जारी किया नया नियम, बैंक जाने से पहले जरूर पढ़ लें

गाड़ियों के टायर के रंग काले ही क्यों होते हैं, रंग-बिरेंगे क्यों नहीं

19 साल में इतनी खूबसूरत दिखने लगी है No Smoking एड की क्यूट गर्ल कि पहचान नहीं पाओंगे

क्यों झटका लगा न तो देखिए ऐसी ही कुछ और तस्वीरें

Sponsored