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Saturday, December 16th, 2017 07:22 PM
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कंपनी खोलने से पहले ये 4 बातें जरूर पढ़ें, आसान लगेगी प्रक्रिया




कंपनी खोलने से पहले ये 4 बातें जरूर पढ़ें, आसान लगेगी प्रक्रियाEducation & Career

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आज कल सभी लोग कंपनी खोलना चाहते है। पर इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने से कंपनी खोलने के बजाए सिर्फ प्रोसेस में ही अटके हुए रह जाते है। कंपनी खोलने से पहले कई सारी औपचारिकताएं पूरी करना होती है। आज के समय में कंपनी स्टार्ट करने के लिए सरकार भी तेजी से यूथ को बूम कर रहीं है। इसके लिए सरकार ने अब से ऑनलाइन भी कर दिया है और प्रक्रिया भी आसान कर दी है। जिसकी वजह से कंपनी खोलने वाला इंसान जल्द से जल्द प्रक्रिया को पूरा करके आगे बढ़ें और अपना काम शुरू कर सके।

1. कम से कम 18 साल उम्र

कंपनी शुरू करने के लिए आपकी उम्र कम से कम 18 साल होना चाहिए तभी आप प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर बन सकते है। इसके लिए योग्यता संबंधी कोई समय सीमा नहीं है। साथ ही कंपनी की शुरूआत के लिए सरकार को फीस के तौर पर कम से कम 1 लाख रुपए शेयर के रूप में देना अनिवार्य है। ऐसा प्राइवेट कंपनी में होता है। पब्लिक कंपनी के लिए कम से कम 5 लाख पैड-अप कैपिटल की शर्त होती है।

2. यह दस्तावेज होना जरूरी है

1. पैन कार्ड – एक नई कंपनी के हर एक शेयर होल्डर और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के पास पैन कार्ड होना अनिवार्य है यह टैक्स उद्देश्य के लिए होता है।

2. डीन नंबर – डीआईएन का डायरेक्टर आईडेन्टिफीकेशन ऑफ नंबर हेता है। कंपनी एक्ट के मुताबिक नई और वर्तमान के डायरेक्टर्स को डीन नंबर लेना जरूरी होता है। http://www.mca.gov.in/MinistryV2/applyfordin.html

3. ऑन लाइन कंपनी रजिस्ट्रेशन प्रोसेस

1. कोई भी कंपनी हो उनके डायरेक्टर के पास में डीन नंबर (डायरेक्टर ऑफ आइडेंटीफिकेशन नंबर) होना जरूरी है। यह मिनिस्ट्री ऑफ अफेयर्स से प्राप्त किया जाता है। मिनिस्ट्री ऑफ अफेयर्स की वेबासाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकतें।

2. इसके बाद में ऑनलाइन आवदेन करने पर डिजिटल सिग्नेचर करना भी जरूरी है जिसके लिए भारत सरकार द्वारा अधिकृत संस्था ई-मुद्रा से आवेदन कर डिजिटल सिग्नेचर प्राप्त कर सकते है।  http://www.e-mudhra.com/Application-Forms.html

3. कंपनी के नाम के लिए आवेदन करने से पहले मिनिस्टीर ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स पर की वेबसाइट पर जाकर नाम पहले ही चेक कर ले इसके बाद आवेदन करें। क्योंकि एक बार नाम रिजेक्ट होने पर फिर से पूरी प्रक्रिया करना होगी। इसके लिए फॉर्म 32 होता है। जिसके जरिए आवेदन करते है। http://www.mca.gov.in/mcafoportal/showCheckCompanyName.do

4. कंपनी के रजिस्ट्रेशन का फॉर्म भरें
एमसीए पर लॉग इन करें इसके बाद में आकाउंट रजिस्ट्रेशन कर लें। इसके बाद में ई-फॉर्म 1ए भरें। इसके लिए आपको 500 रूपए आवेदन फीस लगेगी साथ में अपना डिजिटल सिग्नेचर भी भेजना ना भूलें। इसके बाद कंपनी का नाम देना होगा जिसमें ज्यादा से ज्यादा 6 नाम दे सकते है, साथ में उसका उद्देश्य भी बताना होता है।

यह सब करने के बाद में आपकों एमओए (मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन) और एओए (आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन) का ड्राफ्ट देना होता है। यह बात ध्यान रहें कि रजिस्ट्रेशन के वक्त जो जानकारी दि गई थी वहीं सारी जानकारी मेल खाना चाहिए। एमओए और एओए के स्टाम्प फीस वर्किंग कैपिटल की रकम के ऊपर लगती है। इसमें कंपनी के सारे डायरेक्टर्स के सिग्नेचर होना चाहिए। साथ ही खुद का नाम और पिता का नाम तथा एड्रेस होना चाहिए।

इसके बाद कंपनी को एसआरएन (सर्विस रिक्वेस्ट ऑफ नंबर) से फॉर्म – 1 देना होता है।

4. कॉपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री

पूरी प्रक्रिया होने के बाद में एमसीए द्वारा ‘‘सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉरपोरेशन’’ दिया जाता है। जिसके बाद कंपनी एक रजिस्टर्ड कंपनी कहलाती है। कंपनी के रजिस्ट्रेशन होने के बाद एक करंट बैंक अकाउंट खोलना होता है जिससे पैन कार्ड लिंक होता है।

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