आज बाज़ार में हलचल काफ़ी तेज़ है, ख़ासकर सरकारी कंपनियों के विनिवेश और बड़े डिविडेंड पेआउट्स को लेकर। एक तरफ़ कोल इंडिया के शेयरों में आज सुबह-सुबह भारी गिरावट देखने को मिली, तो दूसरी तरफ़ कई दिग्गज कंपनियों के डिविडेंड के लिए दांव लगाने का आज आख़िरी दिन है।
कोल इंडिया OFS: सरकार की हिस्सेदारी बिक्री और बाज़ार का रिएक्शन बुधवार (27 मई) को शुरुआती कारोबार में ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कोल इंडिया (CIL) के शेयर लगभग 6.49% लुढ़ककर ₹428.40 पर आ गए। इस गिरावट की वजह साफ़ थी — सरकार इस महारत्न कंपनी में अपनी 2% तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है। हालांकि, जैसे-जैसे दिन चढ़ा, स्टॉक ने अपनी शुरुआती गिरावट की कुछ भरपाई की और आख़िरी बार यह 3% के नुकसान के साथ ₹444.35 पर ट्रेड करता दिखा।
सरकार इस ऑफर फॉर सेल (OFS) के ज़रिए ₹412 प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य (फ्लोर प्राइस) पर करीब 12.32 करोड़ शेयर बेचेगी। इससे सरकारी खज़ाने में लगभग ₹5,000 करोड़ आने की उम्मीद है। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणीश चावला ने जानकारी दी कि बेस ऑफर 1% का है और अगर मांग ज़्यादा रहती है, तो 1% का अतिरिक्त ‘ग्रीन शू ऑप्शन’ भी रखा गया है। देखा जाए तो ₹412 का यह फ्लोर प्राइस मौजूदा मार्केट प्राइस से करीब 10% के डिस्काउंट पर है।
चावला ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि कंपनी का शानदार ऑपरेशनल और फाइनेंशल ट्रैक रिकॉर्ड इसे लॉन्ग-टर्म के लिहाज़ से एक बेहतरीन निवेश बनाता है। नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए यह OFS 27 मई को खुल चुका है, जबकि आम रिटेल निवेशक 29 मई से इसमें अपनी बोलियां लगा सकेंगे। इस वित्तीय वर्ष में यह किसी भी सरकारी कंपनी का दूसरा OFS है। पिछले हफ़्ते ही सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8.08% हिस्सेदारी बेचकर ₹2,266 करोड़ जुटाए थे। यह विनिवेश उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत FY27 के बजट में संपत्तियों के मुद्रीकरण से ₹80,000 करोड़ जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है, जो FY26 के संशोधित अनुमान (₹33,837 करोड़) के दोगुने से भी ज़्यादा है।
डिविडेंड और बोनस का सीज़न: T+1 सेटलमेंट के कारण आज ही है मौक़ा बाज़ार में सिर्फ़ बिकवाली या हिस्सेदारी बिक्री का ही माहौल नहीं है, बल्कि निवेशकों के लिए एक्स्ट्रा कमाई का भी बढ़िया मौक़ा है। अगर आपकी नज़र बजाज ऑटो, बैंक ऑफ इंडिया, GSK फार्मा या UNO मिंडा जैसी कंपनियों के डिविडेंड पर है, तो आज (27 मई) उनके शेयर ख़रीदने का आख़िरी दिन है।
चूंकि भारत में अब T+1 (ट्रेड डे प्लस वन) सेटलमेंट साइकिल लागू है, इसलिए 29 मई (शुक्रवार) को एक्स-डेट होने वाले शेयरों की डिलीवरी पाने के लिए उन्हें आज ही ख़रीदना ज़रूरी है। बीच में 28 मई को ईद-उल-अज़हा के चलते शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग नहीं होगी, इसलिए समय सीमा और भी सख्त हो गई है।
कंपनियों ने अपने शेयरधारकों के लिए अच्छे-खासे पेआउट का ऐलान किया है। बजाज ऑटो ने FY26 के लिए ₹10 की फेस वैल्यू वाले शेयर पर ₹150 का तगड़ा डिविडेंड देने की सिफ़ारिश की है। अगर शेयरधारकों की सालाना आम बैठक (AGM) में इसे मंज़ूरी मिल जाती है, तो 24 जुलाई 2026 के आस-पास यह पैसा सीधे निवेशकों के खातों में क्रेडिट हो जाएगा। इसी तरह बैंक ऑफ इंडिया ₹4.65 और ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ₹7 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने जा रहे हैं। डिविडेंड का फायदा उन्हीं को मिलेगा जिनका नाम 29 मई (रिकॉर्ड डेट) पर कंपनी के रजिस्टर या डिपॉजिटरी के रिकॉर्ड में दर्ज होगा।
LIC का बोनस और रडार पर अन्य स्टॉक्स इन दिग्गजों के अलावा आज के ट्रेडिंग सेशन में अडवानी होटल्स, कैपलिन पॉइंट, इरिस लाइफसाइंसेज, होम फर्स्ट फाइनेंस, जेबी केमिकल्स और टोरेंट फार्मा जैसी कंपनियों के शेयरों पर भी फोकस बना रहेगा। और अगर आप लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC) के बोनस का इंतज़ार कर रहे थे, तो उसके शेयर ख़रीदने की डेडलाइन भी आज ही है। कंपनी 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर देने वाली है—यानी हर एक मौजूदा शेयर पर ₹10 की फेस वैल्यू वाला एक नया शेयर बिल्कुल मुफ़्त। इसकी रिकॉर्ड डेट भी 29 मई ही तय की गई है।