page level


Wednesday, September 19th, 2018 05:19 AM
Flash

पुरूषों में बढ़ रही है ये बीमारी, नजरअंदाज किया तो पकड़ सकते हैं बिस्तर…




पुरूषों में बढ़ रही है ये बीमारी, नजरअंदाज किया तो पकड़ सकते हैं बिस्तर…Health & Food



जीवनशैली में हो रहे बदलावों के कारण मनुष्य का जीवन अस्वस्थ होने लगा है। पहले जो बीमारियां लोगों में नहीं देखी जाती थी, अब वे बीमारियां घर-घर में अपनी जगह बना रही हैं। महिलाओं की जीवनशैली को देखते हुए तो नई-नई बीमारी उबर रही हैं, लेकिन पुरूषों में भी अब वो बीमारी सामने आ रही हैं, जो एक दो लोगों में ही देखने को मिलती थीं।

जी हां, इन दिनों पुरूषों में एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस नाम की बीमारी देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि हर सौ में से एक व्यस्क इस बीमारी की गिरफ्त में है। इस बीमारी से 20 से 30 साल के युवा सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। यह बीमारी 40 साल से कम उम्र के युवाओं में ज्यादा पाई गई है और इसके प्रमुख कारणों में इनऐक्टिव लाइफस्टाइल, बैठने का गलत तरीका, तनाव, काम का बहुत अधिक दबाव शामिल है। इसके चलते कई बार दर्द बहुत गंभीर रूप ले लेता है।’

एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के बारे में डॉ. पलाश गुप्ता ने कहा, ‘यह आर्थराइटिस का ही एक प्रकार है, जिसमें रीढ़ की हड्डी में लगातार दर्द रहता है और गरदन से लेकर पीठ के निचले हिस्से तक में अकड़न आ जाती है। यह स्थिति हड्डियों के ज्यादा विकसित होने की वजह से होती है, जिसके हड्डियों में असामान्य फ्यूजन होने लगता है और मरीज को रूटीन का काम करना तक मुश्किल हो जाता है।’

उन्होंने कहा कि यह स्थिति आमतौर पर उन लोगों में ज्यादा देखने को मिलती है, जिनके ब्लड में एचएलए-बी27 एंटीजन होता है। एचएलए-बी27 एंटीजन प्रोटीन है, जो सफेद रक्त कोशिकाओं की सतह पर होता है। यह प्रोटीन इम्यून सिस्टम को सही तरीके से काम नहीं करने देते जिससे इम्यून सिस्टम सेहतमंद कोशिकाओं पर अटैक करने लगते हैं और एएस जैसी बीमारी होती है।

भारत में 40 लाख लोग इस बीमारी के शिकार-

जानकर हैरत होगी कि भारत में 40 लाख लोग इस बीमारी से पीडि़त हैं। यह बीमारी युवाओ में होना आम है, लेकिन जीवन में जब श्रम करने का समय है तब ये बीमारी युवाओं पर बहुत बुरा असर डाल रही है। इस बीमारी में मरीज को पीठ के निचले हिस्से और गर्दन के पिछले हिस्से में बहुत ज्यादा दर्द होता है और अकडऩ भी महसूस होती है।

एडवांस स्टेज पर ही बिस्तर पर आ सकता है मरीज-

विशेषज्ञों के अनुसार इस बीमारी में आपकी रीढ़ की हड्डी किसी भी दिशा में मुड़ सकती है। इससे स्पाइन कॉर्ड में अकडऩ आ जाती है। रीए़ की हड्डी में अकडऩ आने से रोगी के लिए स्पाइन को हिलाना लगभग नामुमकिन हो जाता है और एडवांस स्टेज में रोगी बिस्तर पर आ सकता है।

ऐसे करें बचाव-

– अपनी डाइट में फ्रेश सब्जियां और फलों को शामिल करें। कोशिश करें कि फैट का सेवन कम करें।
– इस दर्द को कम करने के लिए आप हर दिन एक्सरसाइज करें और जब भी फ्री और रिलेक्स्ड हों, अपनी बॉडी को स्ट्रेच करते रहें।
– घर और ऑफिस में अपने बैठने के पॉस्चर पर ध्यान दें। ज्यादा घंटों तक एक जगह पर न बैठें रहें।
– गर्म पानी से नहाना भी इस दर्द को कम करने का नेचुरल तरीका है।
– एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के दर्द को कम करने में सबसे ज्यादा मददगार साबित होगा योगा। यकीनन आपको ऐसा करने से दर्द में राहत मिलेगी।

यह भी पढ़ें

भारत में महंगी पड़ रही दिल की बीमारी, अमीर देश भी रह गए पीछे…..

भारत में हर दूसरी वर्किंग वुमन को ये है बीमारी, ये है बड़ी वजह

मानसून में चूहों के कारण फैल रही है ये खतरनाक बीमारी, जानिए इसके लक्षण

Sponsored