टाटा ग्रुप इन दिनों कारोबारी मोर्चे पर एक साथ कई बड़े बदलावों की अगुवाई कर रहा है। एक तरफ जहां कंपनी की रणनीतिक पहलों से चीन को पछाड़कर भारत में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी आइकॉनिक एसयूवी सिएरा के नए अवतार से टाटा ने तहलका मचा दिया है। असल में टाटा की ये दोनों ही उपलब्धियां न सिर्फ कंपनी के दबदबे को दिखा रही हैं, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था को भी एक नई रफ्तार दे रही हैं।
आईफोन प्रोडक्शन का नया हब और रोजगार की बहार एप्पल अब धीरे-धीरे अपना उत्पादन चीन से समेट रहा है और भारत उसके नए ठिकाने के तौर पर तेजी से उभर रहा है। यह सब अचानक नहीं हुआ है। इसके पीछे एक बेहद सोची-समझी रणनीति काम कर रही है, जिसमें टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ फॉक्सकॉन और पेगाट्रॉन जैसी दिग्गज कंपनियों की बड़ी भूमिका है। जबसे टाटा समूह ने विस्ट्रॉन का अधिग्रहण किया है, आईफोन के प्रोडक्शन ने काफी तेज रफ्तार पकड़ ली है। जाहिर है, कारखानों में काम बढ़ा है तो नौकरियां भी तेजी से पैदा हुई हैं।
फिलहाल भारत में एप्पल के साथ सीधे तौर पर 1.65 लाख लोग काम कर रहे हैं। ऐसा अनुमान है कि इस वित्त वर्ष के खत्म होने तक यह आंकड़ा 2 लाख के पार पहुंच जाएगा। सबसे अच्छी बात यह है कि इस कार्यबल में करीब 70 फीसदी हिस्सेदारी महिलाओं की होगी, जो लैंगिक समानता की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है।
पीएलआई योजना का असर और होसुर प्लांट की तैयारी सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना भी इस बदलाव में काफी असरदार साबित हुई है। पांच साल में दो लाख नौकरियां पैदा करने का जो लक्ष्य रखा गया था, वह महज चार साल में ही हासिल कर लिया गया। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में हर एक सीधी नौकरी के साथ तीन अप्रत्यक्ष नौकरियां भी बनती हैं। इस हिसाब से 2025 के अंत तक करीब 6 लाख रोजगार के नए अवसर बन सकते हैं। तमिलनाडु का होसुर इस औद्योगिक विकास का एक बड़ा केंद्र बन रहा है। वहां टाटा की नई फैक्ट्री में अक्टूबर तक आईफोन का निर्माण शुरू होने जा रहा है। इस प्लांट से करीब 50,000 लोगों को काम मिलेगा। प्लांट की एक और खासियत यह है कि इसमें उत्तराखंड की महिलाओं को भी बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके दिए जाएंगे।
ऑटो बाजार में टाटा सिएरा का जलवा इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग के अलावा ऑटोमोबाइल बाजार में भी टाटा की आक्रामक रणनीति साफ नजर आ रही है। कंपनी ने हाल ही में अपनी पुरानी और मशहूर ‘टाटा सिएरा’ को बिल्कुल नए और आधुनिक अवतार में लॉन्च किया है। लॉन्च होते ही इस एसयूवी ने ग्राहकों के बीच जबरदस्त पैठ बना ली है। शायद किसी को अंदाजा नहीं था कि महज दो महीने के भीतर ही इस गाड़ी की 14,000 से ज्यादा यूनिट्स बिक जाएंगी। वहीं, इसकी बुकिंग का आंकड़ा एक लाख को भी पार कर गया है। बाजार में इस भारी डिमांड को देखते हुए टाटा मोटर्स ने सिएरा का प्रोडक्शन भी बढ़ा दिया है ताकि वेटिंग पीरियड कम किया जा सके और ग्राहकों को समय पर डिलीवरी मिल सके।
कड़ा मुकाबला और सिएरा के दमदार फीचर्स नई सिएरा का डिजाइन इसके पुराने क्लासिक मॉडल से काफी प्रेरित है। इसका वही पुराना बॉक्सी लुक, बड़े शीशे और सीधा स्टांस इसे आज की कारों की भीड़ में सबसे अलग खड़ा करते हैं। सिएरा की इस धमाकेदार एंट्री ने कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में हुंडई क्रेटा और किआ सेल्टोस जैसी कोरियन कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। मुकाबला काफी कड़ा है, क्योंकि सेल्टोस को हाल ही में अपडेट मिला है और क्रेटा भी नए बदलावों के साथ बाजार में है। इस सेगमेंट में फॉक्सवैगन ताइगुन, स्कोडा कुशाक और मारुति ग्रैंड विटारा जैसी गाड़ियां भी अपनी जगह बनाए हुए हैं।
टाटा अपनी इस नई सिएरा का निर्माण गुजरात प्लांट में कर रही है, जहां कंपनी पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों का भी उत्पादन करती है। ग्राहकों की जरूरत और पसंद को ध्यान में रखते हुए सिएरा को तीन पावरट्रेन विकल्पों के साथ पेश किया गया है। इनमें 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल, 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल और 1.5-लीटर डीजल इंजन शामिल हैं। गाड़ी चलाने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए इसमें 6-स्पीड मैनुअल, 7-स्पीड डीसीए ऑटोमैटिक और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के ऑप्शन भी दिए गए हैं। बाजार में इस दमदार एसयूवी की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 11.49 लाख रुपये रखी गई है।