Friday, November 24th, 2017 07:00 PM
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कैट रिपोर्ट : 10 वर्षों में सबसे फीकी रही दिवाली, यह है वजह




कैट रिपोर्ट : 10 वर्षों में सबसे फीकी रही दिवाली, यह है वजहBusiness

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वार्ता। दिवाली से कुछ दिन पहले 31 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखों पर बैन करना रिटेल व्यापारियों को काफी भारी पड़ा है। जिसके लिए उन्होंने सरकार से मांग भी की थी कि वे उनके नुकसान की भरपाई करें। हाल ही में रिटेल कारोबारियों के शीर्ष संगठन कैट (कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स) ने कहा है कि इस वर्ष व्यापारियों की दिवाली पिछले 10 वर्षों के मुकाबले सबसे फिकी दिवाली रहीं है। व्यापारियों के लिए इस दिवाली पर रौनक न के बराबर थी।

कैट संगठन ने दिवाली के बाद कारोबार की समीक्षा करते हुए आज बयान में कहा कि, ‘देश का रिटेल व्यापार लगभग 40 लाख करोड़ रूपए का हैं। जिसमें बताया गया है कि दिवाली से 10 दिन पहले वस्तुओं की बिक्री पिछले वर्षों में लगभग 50 हजार करोड़ रही हैं। लेकिन इस साल 40 प्रतिशत की कमी देखी गई है मतलब सिर्फ 10 प्रतिशत व्यापार हुआ हैं। जिसका दो कारण नोटबंदी और जीएसटी भी बताया गया हैं।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने मीडिया को बताया कि, ‘‘उपभोक्ताओं के पास नकदी की कमी के कारण उनकी खरीद क्षमता पर गहरा असर पड़ा जिसके कारण बाज़ारों में उदासी छायी रही। दूसरी ओर नोटबंदी के बाद जारी अस्थिरता से बाजार संभलने की कोशिश कर रहा था तभी वस्तु एवं सेवा कर लागू होने की परेशानियां बढ़ गई और जीएसटी पोर्टल का ठीक तरह से काम न कर पाने के कारण से बाज़ारों में अनिश्चितता बना जिसका असर उपभोक्ताओं पर भी पड़ा है।’’

महामंत्री खंडेलवाल ने बताया कि, ‘‘अब सभी व्यापारी 31 अक्टूबर से शुरू हो रही शादियों की सीज़न पर नज़र रखी है। इसका पहला सत्र 14 दिसंबर तक है और दूसरा 14 जनवरी से शुरू होगा। ऐसे में सरकार को रिटेल व्यापारियों के लिए कुछ ऐसे कदम उठाने की जरूरत है जिससे अर्थव्यवस्था को भी बल मिल सके। आज सिर्फ रिटेल सेक्टर ही ऐसा सेक्टर है जिसके लिए कोई अलग से रणनीति नहीं है और ना ही कोई मंत्रालय है। रिटेल व्यापार के लिए नियामक बनाने की जरूरत है। सरकार को खुदरा व्यापारियों के लिए अलग से एक आंतरिक व्यापार मंत्रालय गठित किया जाना चाहिए।’’

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