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Sunday, December 17th, 2017 05:46 PM
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3 सेकंड के डव एड ने मचा दिया बवाल, कंपनी को मांगनी पड़ी माफी




3 सेकंड के डव एड ने मचा दिया बवाल, कंपनी को मांगनी पड़ी माफीSocial

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लोग गोरा होने के लिए क्या नहीं करते। कई तरह की फेयरनेस क्रीम लगाते हैं, लेकिन वे नहीं जानते कि असली खूबसूरती तो उनके नेचुरल लुक में ही है। बहरहाल, ऐसे में कई कॉस्मेटिक ब्रांड भी हैं, जो लोगों की गोरी रंगत को बढ़ावा देने के साथ फेयरनेस क्रीम का एड करती हैं। दो या तीन सैकंड के इस एड से दर्शक इतने प्रभावित हो जाते हैं, कि उनके अंदर खुद को गोरा करने की चाहत शुरू हो जाती है। हाल ही में एक मशहूर कॉस्मेटिक ब्रांड डव भी कुछ ऐसे ही विवाद से घिर गया है। डव ने एक तस्वीर जारी की है, जिसे लेकर फेसबुक पर जबरदस्त विरोध हो रहा है। जी हां, तीन सैकंड के डव के एड की वजह से अब कंपनी को भी माफी मांगनी पड़ी है। दरअसल, मामला नस्लभेद का है।

क्या है मुद्दा-
असल में तीन सैकंड के इस एड में एक अश्वेत महिला टीशर्ट उतारती है और वो गोरी हो जाती है। इस पर लोगों ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि एड इस बात को बढ़ावा दे रहा है कि डव के इस्तेमाल से सांवली रंगत वाले भी गोरे हो जाएंगे। ऐसा लगता है कि सांवली त्वचा वाले लोगों ने सांवले होकर कोई गलती कर दी है। हालांकि इस पूरे कैंपेन के बाद कंपनी ने फेसबुक और ट्विटर पर माफी मांग ली है। कंपनी ने कहा है कि – हमारा मकसद लोगों को ठेस पहुंचाना नहीं था। शायद हम ही अपने प्रोडक्ट को ठीक से पे्रजेंट नहीं कर पाए। लोगों की राय बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए आगे से इस बात का खास ख्याल रखा जाएगा।

फेयरनेस क्रीम का हुआ भारत में भी विरोध-

ये पहली बार नहीं है जब फेयरनेस क्रीम को लेकर विवाद हुआ है। इससे पहले फेयरनेस क्रीम का विरोध भारत में भी हो चुका है। यहां भी रंगभेद को लेकर कई नए विवाद खड़े हो चुके हैं। इसका विरोध करने में खुद बॉलीवुड सबसे आगे रहा है। कई एक्टर्स ने तो विवाद छिडऩे के डर से एड शूट करने से ही मना कर दिया है। आपको याद हो तो 2014 में एक्ट्रेस नंदिता दास ने एक आर्टिकल लिखकर एक कैंपेन शुरू किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि बॉलीवुड में रंगभेद का सामना करना पड़ता है। उन्हें हमेशा निचली जाति के रोल मिले हैं, इसके पीछे भी वजह रंगभेद है। हाई प्रोफाइल रोल करने के लिए उन्हें गोरा होने के लिए कहा जाता था। इसके बाद उन्होंने डाक्र इज ब्यूटीफुल नामक कैंपेन का समर्थन किया था।

कई देश बैन कर चुके हैं फेयरनेस क्रीम-

रंगभेद का मु्द्दा इतना गहराता जा रहा है कि अब इसके चलते कई देशों ने तो अपने यहां फेयरनेस क्रीम पर बैन लगा दिया है। साउथ अफ्रीका और आइवरी कोस्ट इनमें से हैं। इसके पीछे वजह रंगभेद नहीं बल्कि इससे फैलने वाला कैंसर था। हालांकि ये कह पाना मुश्किल है कि भारत कब इन देशों से सीख लेगा और भारत में फेयरक्रीम क्रीम बैन कराएगा। जो भी हो, लेकिन ये बहस का मुद्दा है और इस पर जल्द ही कोई कदम उठाए जाने चाहिए।

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