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Sunday, December 17th, 2017 04:12 AM
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रक्षा मंत्रालय का आदेश, तुरंत Delete कर दें ये 42 Apps




रक्षा मंत्रालय का आदेश, तुरंत Delete कर दें ये 42 AppsAuto & Technology

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आज के जमाने में ऐसा कोई घर नहीं जहां स्मार्टफोन न हो और ऐसा भी कोई नहीं है जो स्मार्टफोन यूज करता हो और इंटरनेट व ऐप यूज न करता हो। बिना ऐप्स के तो किसी स्मार्टफोन का अस्तित्व है ही नहीं। आज हम धड़ल्ले से प्लेस्टोर पर जाकर कोई भी ऐप इंस्टॉल कर लेते हैं उसे अपने फोन को एक्सेस करने की पूरी परमिशन भी दे देते हैं लेकिन हम ये नहीं जानते कि ऐप उस परमिशन को लेने के बाद हमारे फोन का कितना डाटा एक्सेस करते हैं।

42 ऐप्स को हटाने के निर्देश

हाल ही में रक्षा मंत्रालय ने भारत के सिपाहियो और सुरक्षा अधिकारियों को 42 ऐप्स को अपने फोन्स से हटाने के निर्देश दिए हैं। इसका कारण देश और महत्वपूर्ण जानकारियों की सुरक्षा है। आज के जमाने में आम इंसान हो या कोई सुरक्षा अधिकारी हर कोई अपनी अधिक से अधिक जानकारी अपने स्मार्टफोन में रखता है ऐसे में किसी ऐप के इंस्टॉल कर लेने से वो सारी जानकारी उस ऐप निर्माता को मिल सकती है।

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सुरक्षा को खतरा

देश में चाइनीज स्मार्टफोन और चाइनीज एप की बढ़ती संख्या देश के लिए क्या किसी प्रकार का खतरा है, शायद रक्षा मंत्रालय शायद ऐसा ही मान रहा है। हाल ही में भारत के रक्षा मंत्रालय ने सेना के जवानों के लिए एक नई एडवाजरी (निर्देश) जारी की है, जिसमें 42 चायनीज एप्स को जल्द से जल्द अनइंस्टॉल करने के लिए कहा गया है। यह आदेश सभी अधिकारियों और सुरक्षा से जुड़े जवानों को दिया गया है। इन एप्स पर जासूसी करने या मोबाइल फोन से डाटा चुराने का आरोप लगा है।

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मोबाइल का डाटा चुरा रहे ऐप

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय का रॉ, आईबी, और एनटीआरओ जैसी एजेंसियों से खुफिया जानकारी मिली है। जिसके बाद इस एडवाइजरी को जारी किया गया है। सुरक्षा एंजेंसियों से मिली खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन मोबाइल एप्स के जरिए भारतीय सैन्य अधिकारियों, फील्ड कमांडरों और जवानों के मोबाइल से डाटा चुरा रहा है।

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फेमस ऐप्स है शामिल

इस 42 मोबाइल एप्स की लिस्ट में लोकप्रिय कॉलर आईडी एप ट्रूकॉलर है, इसके बाद ट्रूकॉलर ने अपने स्टेटमेंट में कहा है कि हमारा एप कोई मैलवेयर नहीं है और हम इसकी जांच करेंगे कि इस एप को क्यों लिस्ट में शामिल किया गया है। इसके अलावा डप स्टोर भी है जोकि सभी शाओमी स्मार्टफोन्स प्रीइंस्टॉल होती है। चीन की पॉप्यूलर मेसेंजिंग एप वीचैट, फाइल ट्रांसफर करने वाला एप शेयर इट जैसे लोकप्रिय एप्स भी शामिल हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर गलत असर पड़ सकता है

एडवाइजरी में कहा गया है कि विश्वसनीय जानकारी के अनुसार चाइनीज डेवलपर्स या चाइनीज लिंक्स वाले डेवलपर्स की ओर से कई एंड्राइड/आईओएस एप्स विकसित किए गए हैं जिनका कथित तौर पर जासूसी या फिर किसी तरह का नुकसान पहुंचाना मकसद हो सकता है। एडवाइजरी में कहा गया है कि सेना के जवानों या सुरक्षकर्मियों की ओर से इस तरह के एप्स का इस्तेमाल करना डाटा सिक्योरिटी के लिए हानिकारक हो सकता है और इसका सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा पर गलत असर पड़ सकता है।

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