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Wednesday, June 20th, 2018 02:55 AM
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दिवाली पर घटी बाजारों में भीड़, लेकिन ऑनलाइन साइट्स पर जमकर हो रही शॉपिंग




दिवाली पर घटी बाजारों में भीड़, लेकिन ऑनलाइन साइट्स पर जमकर हो रही शॉपिंगBusiness



हर साल दीपावली के एक महीने पहले से ही लोग खरीदारी करना शुरू कर देते हैं, नए कपड़ों के साथ नई ज्वेलरी और घर के साजो-सामान की भी अच्छी खासी शॉपिंग होती है। और हो भी क्यों ना। ये त्योहार साल में एक बार ही आता है। लेकिन आज के बाजारों की हालत को देखकर ऐसा लग रहा है कि अब इस त्योहार पर बाजारों में भीड़ बीते समय की बात हो गई है।

जी हां, दिवाली पर बाजारों में जिस तरह का सन्नाट पसरा हुआ है, उससे खुदरा व्यापारी बहुत चिंता में हैं। वे इन सबका दोषी नोटबंदी और जीएसटी को मान रहे हैं। उनके अनुसार लोग कभी कुछ खरीदें या नहीं लेकिन दिवाली पर तो खूब शॉपिंग करते हैं, लेकिन इस बार बाजारों की सारी भीड़ ऑनलाइन शॉपिंग में जुटी है। यानि अब बाजारों में पैसा खर्च करने से ज्यादा लोग ऑनलाइन शॉपिंग को बढ़ावा दे रहे हैं। कहने को अपनी सेल बढ़ाने के लिए मार्केट कई ऑफर्स भी दे रहा है, इसके बाद भी बाजारों में रौनक फीकी है। हालांकि कारोबारियों को उम्मीद है कि धनतेरस पर बाजारों की ये रौनक लौट कर आएगी।

इस सीजन ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ा ट्रेंड-

बाजार विशेषज्ञ अर्थशास्त्री कपिल मिश्रा का कहना है कि वैसे तो लोगों में ऑनलाइन शॉपिंग करने का ट्रेंड पहले से है। लेकिन अब नोटबंदी और जीएसटी के आने के बाद से इस ऑनलाइन वेबसाइट्स ने खुदरा व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। इंटरनेट और मोबाइल इस ऑनलाइन शॉपिंग ट्रेंड की बड़ी वजह है। घर बैठे ही अगर लोगों को उनकी पसंदीदा चीज मिल जाएगी, तो वे बाजारों की ओर रूख क्यों करेंगे और भीड़ के धक्के क्यों खाएंगे।

मार्केट में रिटर्न की गारंटी नहीं, लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग में है-

विशेषज्ञों के अनुसार अब लोग त्योहारी सीजन में बाजारों में जाने से डरते हैं। वहां की भीड़ उन्हें ऑनलाइन शॉपिंग करने को मजबूर करती है। दूसरा कारण ये कि आज व्यक्ति को किसी भी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स पर एक चीज के 100 ऑप्शन्स मिल जाते हैं, जिसमें से वह एक पसंद कर सकता है। इसमें कोई दोराहे नहीं है कि इनकी प्राइज मार्केट प्राइज से कम होती है। साथ ही पसंद न आए, तो रिटर्न करने का भी प्रोसिजर इनमें रहता है, जबकि मार्केट विक्रेता रिटर्न की गारंटी नहीं देता। इन सभी सुविधाओं को देखते हुए ऑनलाइन शॉपिंग ट्रेंड बढ़ रहा है। हालांकि ऐसा नहीं है कि अब दुकानों पर जाकर लोगों ने शॉपिंग करना बंद कर दिया है। जिसे अरजेंट कुछ चाहिए वो मार्केट से जाकर ही खरीदेगा, लेकिन बावजूद इसके ऑनलाइन शॉपिंग ट्रेंड से मार्केट विक्रेताओं की सेल में 20-30 फीसदी की गिरावट आई है।

अब नहीं बिक रहे ड्राई फ्रूट्स भी-

दिवाली पर अगर कुछ खास गिफ्ट करने की बात हो या कुछ मीठा बनाने की, तो लोग सबसे पहले ड्रायफ्रूट्स का ऑप्शन बेस्ट मानते हैं। लेकिन अब जीएसटी के बाद से लोगों ने ड्रायफ्रूट्स की खरीदारी में भी कटौती कर दी है। ड्राय फ्रूट्स के व्यापारी प्रवीण गुप्ता का कहना है कि इस बार की दिवाली लोगों के साथ-साथ व्यापारियों पर भी भारी पड़ रही है। दिवाली पर ड्रायफ्रूट्स के दाम 100-150 रूपए प्रति किलो बढ़ गए हैं। ऐसे में ब्रिकी 25-30 प्रतिशत कम हो गई है। काजू 1000-1200 रूपए प्रति किलो हो गए हैं, वहीं किशमिश की कीमत में 70-80 रूपए प्रति किलो का इजाफा हुआ है। बादाम 650 से बढ़कर 700 रूपए प्रति किलो हो गए हैं। अब बढ़ती महंगाई, जीएसटी और नोटबंदी के बाद बाजारों में ग्राहकों की भीड़ कैसी रहेगी, ये तो वक्त ही बताएगा।

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