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Thursday, August 16th, 2018 09:39 PM
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ऐसा देश, जहां भूख मिटाने के लिए लोगों को खाने पड़ते हैं “मिट्टी के बिस्किट”




ऐसा देश, जहां भूख मिटाने के लिए लोगों को खाने पड़ते हैं “मिट्टी के बिस्किट”Social



भ्रष्टाचार के इस युग में आदमी को ही सबसे ज्यादा कष्ट भुगतना होता है। ऐसे ही भ्रष्टाचार का हर्जाना दुनिया में एक ऐसा देश भुगत रहा है, वह देश है हैती। हैती में लाखों लोग कुपोषित हैं और पौष्टिक आहार का खर्च नहीं अदा कर सकते, इसलिए अपना पेट भरने के लिए ये लोग कुछ ऐसा खाने को मजबूर हैं, कि सुनते ही आप दांतों तले उंगली चबा लेंगे। भुखमरी से पीडि़त इस देश के लोग अपनी भूख शांत करने के लिए मिट्टी के बने बिस्किट खाने को मजबूर हैं।


बता दें कि हैती की गिनती सरकार के उन दरिद्र देशों के रूप में होती है, जहां लाखों लोग गंदगी में रहने और गंदगी खाने को मजबूर हैं। यहां आज भी करीब तीन लाख लोगों के पास खाने के लिए पर्याप्त भोजन नहीं है। भूख यहां सबसे बड़ी समस्या बन गई है। जबकि 10 प्रतिशत हैतीवादी देश की कुल आय का 70 प्रतिशत हिस्सा कमाते हैं, लेकन ज्यादातर ऐसे हैं जो एक या दो यूएस डॉलर से भी कम की आय पर जीते हैं। इसलिए यहां कुपोषण की समस्या सबसे ज्यादा है और अगर इस चीज से बचना है तो मिट्टी से बने बिस्किट ही इनके जीने का सहारा हैं।

ले रहे हैं पुराने नुस्खे का सहारा-

पौष्टिक आहार जैसे फल, दूध, दही , सब्जियां इनके लिए विलासता की चीजें मानी जाती हैं। इन मुश्किल परिस्थिति से बचने के लिए कुछ हैतीवासियों ने नमक, वनस्पति तेल और मिट्टी के मिश्रण के पुराने नुस्खे का सहारा ले रहे हैं। जिसे वहां के लोग बोन-बोन टैरेस कहते हैं यानि की कीचड़ के बिस्किट। मिट्टी के बिस्किट बनाने वाली एक महिला सिलेन डेनिस ने वल्र्ड फोकस के एक इंटरव्यू में बताया थ कि यह आपका पेट भर देता है। जब हम कुछ नहीं खा पाते हैं, तब ये मिट्टी का बिस्किट हमारा पेट भरता है।

इसमें होते हैं विटामिन और कैल्शियम-

महिलाओं द्वारा मिट्टी और पानी को मिलाकर लेई तैयार करने के बाद इन बिस्किट को सूरज की रोशनी में सुखाने के लिए जमीन पर डाल दिया जाता है। हैती के कुछ इलाकों में इन्हें बेचते भी हैं। इस मिट्टी को एक जगह से भरकर पहाड़ी क्षेत्रों में ले जाया जाता है और जो महिलाएं इसे बनाती हैं उनका मानना है कि इन बिस्किटों में भरपूर मात्रा में कैल्शियम और विटामिन रहते हैं।

डेनिस कहती हैं कि हम बहुत बुरी परिस्थितियों में जी रहे हैं। यह मेरे दिल को बहुत दुख पहुंचाता है, लेकिन मेरे पास इसके अलावा और कोई चारा भी नहीं है। हमें इसे मजबूरन खाना पड़ता है। यह हमें बीमार बनाता है, लेकिन इतना नहीं कि जिसको इसे खाना की आदत न हो और वो इसे खा ले। हालांकि कई बार बहुत से लोग इसे खाने में शर्मिंन्दगी महसूस करते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि इन बिस्किटों से शरीर को बहुत नुकसान है, इससे दांत सडऩे, मिट्टी से फैलने वाली बीमारियां, कुपोषण और भी गंभीर बीमारियां बढऩे की संभावना रहती है।

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