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Wednesday, June 20th, 2018 10:30 AM
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e- waste पैदा करने वाला भारत दुनिया का 5वां देश




e- waste पैदा करने वाला भारत दुनिया का 5वां देशSocial



दुनिया में अब कचरे से निजात पाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। इस साल पर्यावरण की थीम बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन रखी गई थी। हालांकि भारत अब भी पर्यावरण संरक्षण के मामले में अन्य देशों के मुकाबले बहुत पीछे है। सरकार की ओर से शुरू किए गए स्वच्छता अभियान और स्मार्ट शहर परियोजना के तहत भारत ई-कचरा पैदा करने वाला दुनिया का 5 वां देश बन गया है।

जबकि चीन, अमेरिका, जापान और जर्मनी जैसे देश ई-कचरा पैदा करने वाले देशों में टॉप पर हैं। बता दें कि ये रिपार्ट पर्यावरण दिवस के मौके पर सरकार की ओर से जारी की गई है।

भारत में ई-कचरा पैदा करने में महाराष्ट्र सबसे आगे-

रिपोर्ट के अनुसार भारत में महाराष्ट, ई-कचरा पैदा करने के मामले में सबसे आगे है। यह राज्य 47.80 टन कचरा रिसाइकिल करता है। जबकि तमिलनाडु इस मामले में 14 फीसदी का योगदान देता है। यानि तमिलनाडु हर साल 52427 टन कचरे को री-साइकिल करता है।

हर साल 20 लाख टन ई-कचरा पैदा करता है भारत-

भारत में हर साल करीब 20 लाख टन सालाना ई-कचरा पैदा होता है और कुल 4,38,050 टन कचरा सालाना रिसाइकिल किया जाता है। ई-कचरे में आम तौर पर हटाए गए कंप्यूटर मॉनीटर, मदरबोर्ड, कैथोड रे ट्यूब (सीआरटी), प्रिंटिड सर्किट बोड (पीसीबी), मोबाइल फोन व चार्जर, कॉम्पैक्ट डिस्क, हेडफोन के साथ लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले (एलसीडी)/प्लाज्मा टीवी, एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर शामिल हैं। 

एसोचैम-नेक द्वारा भारत में इलेक्ट्रिकल्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्च रिंग पर किए गए संयुक्त अध्ययन के मुताबिक, ई-कचरे की वैश्विक मात्रा 20 प्रतिशत की संयुक्त वृद्धि दर से 2016 में 4.47 करोड़ टन से 2021 तक 5.52 करोड़ टन तक पहुंचने की संभावना है।

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