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15/01/2018

वारेन बफे की कमाई के पीछे रहे ये भारतीय शख्स, वाइस चेयरमैन बनें अब




वारेन बफे की कमाई के पीछे रहे ये भारतीय शख्स, वाइस चेयरमैन बनें अबBusiness

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दुनिया के सबसे बड़े निवेशक और धनकुबेरों के रूप में जाने वाले वारेन बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे इंक की कमान एक भारतीय शख्स संभाल सकते हैं। बर्कशायर हैथवे इंक ने बुधवार को दो टॉप एग्जिक्यूटिव्स ग्रेगरी एबल और अजित जैन को प्रमोट किया गया हैं। भविष्य में दोनो कंपनी के संचालन के लिए वारेन बफे का उत्तराधिकारी हासिल कर सकते है। वारेन बफे ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक अजित जैन बफे के उत्तराधिकारी की दौड़ में आगे हैं।

12 से बढ़कर 14 डायरेक्टर

बर्कशियर हैथवे एनर्जी के चीफ एग्जिक्यूटिव 55 वर्ष के ग्रेगरी एबल को नॉन इंश्योरेंस काम के लिए बर्कशायर का वाइस चैयरमैन नियुक्त किया गया है। वहीं कंपनी के टॉप इंश्योरेंस एग्जिक्युटिव 66 वर्षीय अजीत जैन को इंश्योरेंस कारोबार का वाइस चेयरमैन बनाया गया है। इसके साथ ही, दोनों को बर्कशायर के बोर्ड में भी शामिल किया गया है। इसके बाद कंपनी में डायरेक्टरों की संख्या 12 से बढ़कर 14 हो गई हैं।

कौन है अजीत जैन ?

भारतीय मूल के अजीत जैन का जन्म ओडिशा में 1951 में उनका जन्म हुआ। 1972 में आईआईटी खड़गपुर से गै्रजुएशन किया और मेकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। 1973 से 76 तक आईगबीएम के सेल्समैन रहे है। लेकिन 1976 में आईबीएम ने अपना ऑपरेशन बंद कर दिया जिस वजह से उनकी नौकरी चली गई थी। इसके बाद में वह 1978 में अमेरिका चले गए। वहां पर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए करके मैककिंजी एंड कंपनी ज्वाइन की। वर्तमान में अजीत जैन न्यूयॉर्क में अपनी फैमली के साथ में रहते हैं। 1980 में वह भारत लौट आए थे और शादी कर ली थी। इसके बाद वह फिर शादी के बाद अमेरिका लौट गए। फिर 1986 में मैंककिंजी छोड़कर बफे की कंपनी बर्कशायर ज्वाइन कर ली थी।

कभी नौकरी छूट गई थी आज 12,000 करोड़ के मालिक

सैल्समैन के रूप में करियर की शुरूआत करने वाले अजित की नौकरी कंपनी बंद होने चली गई थी। इसके बाद में अमेरिका चले गए। वहां से एक नई शुरूआत की और आज 12,000 करोड़ रूपए के मालिक बन गए।

बफे बने रहेंगे चेयरमैन

87 साल के वारेन बफे बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन और चीफ एग्जिक्युटिव बने रहेंगे। साथ ही 40 साल से बफे की ओर से काम करने वाले 94 वर्षीय चर्ली मंगर वाइस चेयरमैन के पद पर कार्यरत रहेंगे। अभी भी दोनों पूंजी अवांटन और अधिग्रहण समेत निवेश से जुड़े बड़े फैसले लेते है।

जैन की जमकर तारीफ की थी

दुनिया के शीर्ष धनकुबेरों में शामिल बफे यह बात दोहरा चुके हैं कि जैन की वजह से उन्होंने अरबों डॉलर की कमाई की। वर्ष 2015 में उन्होंने निवेशकों के नाम पत्र में भी बफे ने जमकर तारीफ की थी।

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