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Tuesday, September 25th, 2018 02:29 AM
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Asian Games 2018 : भारत ने तोड़ा रिकॉर्ड, 67 साल बाद दोहराया शानदार प्रदर्शन




Asian Games 2018 : भारत ने तोड़ा रिकॉर्ड, 67 साल बाद दोहराया शानदार प्रदर्शनSports



इंडोनेशिया में हुए 18वें एशियन गेम्स में भारत का प्रदर्शन काफी शानदार रहा। हर खिलाड़ी ने अपना सर्वोच्च देकर मेडज जीते और भारत का मान बढ़ाया। 14दिनों तक चले इस इवेंट का शनिवार को आखिरी दिन था। मुक्केबाज अमित पंगल और ब्रिज में पुरूष युगल जोड़ी के स्वर्ण पदकों के दम पर भारत ने एशियाई खेलों में अब तक का बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

भारत के खाते में कुल 69 मेडल आए हैं। जिनमें 15 गोल्ड, 24 सिल्वर और 30 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। बता दें कि भारत को सबसे ज्यादा मेडल एथलीट में मिले हैं, जबकि शूटिंग दूसरे नंबर पर रहा है। बता दें कि इस साल भारत ने एशियाई खेलों में 2014 का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उस समय भारत ने 57 पदक जीते थे। जबकि 2010 में भारत का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा था। ग्वांग्झू में हुए एशिश्र खेलों में भारत ने जब 14 स्वर्ण सहित 65 पदक अपने नाम किए थे।

जानिए कहां मिले कितने मेडल

जकार्ता में भारत के लिए सबसे अधिक पदक एथलेटिक्स में आए। एथलीटों ने सबको चौकाते हुए सात स्वर्ण, 10 रजत और दो कांस्य के साथ कुल 19 पदक अपने नाम किए। एथलेटिक्स की कई स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने उम्मीद से उलट प्रदर्शन करते हुए चौंकाने वाले परिणाम दिए। भारत ने पुरुष 800 मीटर, पुरुष 1500 मीटर, पुरुष गोला फेंक, पुरुष भाला फेंक, पुरुषों के तिहरी कूद, महिलाओं की 4 गुणा 400 मीटर रिले, महिला हेप्टाथलान में स्वर्ण हासिल किए।

कहीं उम्मीदों पर खरे उतरे खिलाड़ी, तो कहीं किया निराश…

शूटिंग से भारत को काफी उम्मीदें थीं। भारतीय निशानेबाजों ने निराशा नहीं किया और दो स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य के साथ कुल नौ पदकों पर कब्जा किया। कुश्ती में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और खिलाड़ी केवल दो स्वर्ण और एक कांस्य पदक ही जीत पाए। इसके अलावा ब्रिज, नौकायन और टेनिस की विभिन्न स्पर्धाओं में भारत ने एक स्वर्ण और दो कांस्य के साथ कुल तीन-तीन पदक हासिल किए। भारतीय मुक्केबाज अच्छा खेल नहीं दिखा पाए और भारत एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक ही जीत पाया, 14वें दिन अमित पंघल ने भारत को एकमात्र स्वर्ण दिलाया।

भारत को तीरंदाजी और घुड़सवारी में दो-दो रजत पदक मिले। स्क्वॉश की विभिन्न स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों का नसीब अच्छा नहीं रहा और उन्हें एक रजत और चार कांस्य पदक के साथ ही संतोष करना पड़ा। सेलिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए एक रजत और दो कांस्य पदक जीते।

वुशू में खिलाडिय़ों ने दिखाया दम –

बैडमिंटन, हॉकी, कबड्डी और कुराश में भारत उम्मीद के मुताबिक बेहतरीन प्रदर्शन नहीं कर पाया और एक रजत, एक कांस्य के साथ कुल दो-दो पदक हासिल किए। वुशू में भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार खेल दिखाते हुए कुल चार कांस्य पदक हासिल किए। सेपाकटाक्रा में भी भारत को एक कांस्य पदक मिला। टेबल टेनिस की विभिन्न स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने संतोषजनक प्रदर्शन करते हुए दो कांस्य पदक हासिल किए।

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