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Saturday, August 18th, 2018 05:56 AM
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भारत ने 8 विकेट से कंगारूओं को खदेड़ा, विश्वकप का विश्वविजेता बनकर लहराया तिरंगा




भारत ने 8 विकेट से कंगारूओं को खदेड़ा, विश्वकप का विश्वविजेता बनकर लहराया तिरंगाSports



क्रिकेट को भारत में एक धर्म की तरह पूजा जाता है और वर्ल्ड कप भारत में किसी त्यौहार से कम नहीं है। इस समय अंडर-19 वर्ल्ड कप न्यूजीलेंड में खेला गया जिसमें भारत ने शानदार तरीके से जीत दर्ज की है। भारत का फाइनल ऑस्ट्रेलिया से हुआ जिसमें भारत ने धमाकेदार तरीके से ऑस्ट्रेलिया को हराया।

अंडर 19 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने 47.2 ओवर में 216 रन बनाए थे। जिन्हें भारत ने 220 रन 2 विकेट में पूरा किया। भारत इस मैच में शानदार तरीके से ऑस्ट्रेलिया को मात दी है। इस मैच के रीयल हीरो टीम इंडिया के क्रिकेटर मनजोत सिंह कालरा बने जिन्होंने 1021 गेंदों पर 101 रन बनाए हैं। इस मैच में उन्होंने सेंचुरी मारकर कमाल की जीत दर्ज की हैं।

भारत की शानदार जीत के बाद बीसीसीआई ने अनाउंस किया कि टीम के कोच राहुल द्रविड को 50 लाख रूपए तथा अन्य टीम मेंबर्स को 20-20 लाख रूपए का इनाम दिया जाएगा।

खेल-खेल में बना खिलाड़ी

अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम में शामिल दिल्ली के इकलौते प्लेयर मनजोत कालरा के घरवालों की मानें तो उनका बेटा खेल-खेल में खिलाड़ी बन गया। मनजोत के माता-पिता चाहते थे कि उनका बेटा पढ़-लिखकर कोई मुकाम हासिल कर ले। आजादपुर मंडी इलाके में रहने वाले व्यापारी प्रवीण कुमार और उनकी पत्नी रंजीत कौर की ख्वाहिश थी कि उनका बड़ा बेटा खेलकूद में अच्छा करे, जबकि छोटे बेटे यानी मनजोत को लेकर वह आश्वस्त थे कि यह पढ़ाई में बेहतर करेगा।

बहुत खुश हैं मां

भारत के अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाने के बाद गर्व से फूली मनजोत की मां रंजीत अपने फैसले के गलत होने पर खुश नजर आईं। उन्होंने कहा, ’मनजोत पढ़ाई में अच्छा था, इसलिए मैं चाहती थी कि वह पढ़ाई पर ही ध्यान दे। उसका बड़ा भाई क्रिकेट खेलता था और हम चाहते थे कि वह खेल में करियर बनाए। मनजोत अपने भाई के साथ कभी कभार मैदान पर जाया करता था। वह बोलिंग करता और मैदान पर दौड़-दौड़ कर बॉल पकड़ता भी, लेकिन इस शर्त पर कि भाई उसे भी बैटिंग करने देगा। ऊपर वाले की मेहरबानी देखिए, खेल-खेल में मेरा बेटा खिलाड़ी बन गया।’

विवाद से हुए थे परेशान

मनजोत को जब अंडर-19 टीम शामिल किया गया तो बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। आरोप लगे थे कि उनकी उम्र 19 से ज्यादा है और वह इस वर्ल्ड कप में भाग नहीं ले सकते। बाद में आरोप गलत साबित हुए। मनजोत की मां रंजीत ने कहा, ’आरोपों से हम आहत थे। मनजोत भी परेशान था। उसके सारे टेस्ट हुए और वह सभी में पास हुआ। आज मेरा बेटा वर्ल्ड कप में खेल रहा है। मैं तो यही कहूंगी कि अंत में जीत सच्चाई की ही होती है’।

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