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Saturday, July 21st, 2018 02:17 PM
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नोटबंदी में नोट ढोने के लिए सरकार ने कितने खर्च किए जानकर चौंक जाएंगे आप




नोटबंदी में नोट ढोने के लिए सरकार ने कितने खर्च किए जानकर चौंक जाएंगे आपSocial



आपको याद होगा कि जब नोटबंदी हुई थी तो पुराने नोट को ले जाने और नए नोट को लाने के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टर उपयोग किए गए थे। उस समय तो मजे-मजे में सरकार ने ये काम कर दिया था लेकिन अब इस सेवा का वायुसेना ने बिल बनाकर दिया है। बिल कोई एक-दो करोड़ का नहीं है बल्कि पूरे 24.91 करोड़ रूपए का हैं

आरटीआई में सामने आई जानकारी

नोटबंदी के बाद जारी किये गए 2000 और 500 रुपये के नये नोटों की ढुलाई में भारतीय वायु सेना के अत्याधुनिक परिवहन विमान- सी -17 और सी -130 जे सुपर हरक्यूलिस के इस्तेमाल पर 29.41 करोड़ रुपये से अधिक की रकम खर्च की गई। भारतीय वायु सेना द्वारा एक आरटीआई आवेदन का दिये गए जवाब के अनुसार सरकार के आठ नवंबर 2016 को 1000 और 500 रुपये के पुराने नोटों को अचानक से प्रचलन से बाहर करने के बाद उसके परिवहन विमानों सी -17 और सी -130 जे सुपर हरक्यूलिस ने सेक्युरिटी प्रिंटिंग प्रेस और टकसालों से देश के विभिन्न हिस्सों में नोटों की ढुलाई करने के लिये 91 चक्कर लगाए।

आरबीआई ने भी बताई यही बात

आरबीआई और सरकारी आंकड़ों के अनुसार आठ नवंबर 2016 तक 500 के 1716.5 करोड़ नोट थे और 1000 रुपये के 685.8 करोड़ नोट थे. इस तरह इन नोटों का कुल मूल्य 15.44 लाख करोड़ रुपये था जो उस समय प्रचलन में मौजूद कुल मुद्रा का तकरीबन 86 फीसदी था. सेवानिवृत्त कोमोडोर लोकेश बत्रा की आरटीआई के जवाब में वायु सेना ने कहा कि उसने सरकारी स्वामित्व वाले सेक्युरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड को अपनी सेवाओं के बदले में 29.41 करोड़ रुपये का बिल सौंपा है. बत्रा ने कहा, ‘‘ मेरी राय है कि सरकार को रक्षा परिसंपत्ति के इस्तेमाल से बचना चाहिये और इसकी जगह असैन्य परिवहन विमान की सेवाएं आसानी से ली जा सकती थीं.’’

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