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Friday, May 25th, 2018 01:04 AM
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सेल्स गर्ल की नौकरी कर इंदौर की इस लड़की ने 12वीं में टॉप टेन में बनाया स्थान




सेल्स गर्ल की नौकरी कर इंदौर की इस लड़की ने 12वीं में टॉप टेन में बनाया स्थान



मध्यप्रदेश 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम आज घोषित हो गया है। रिजल्ट एमपीबोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट mpbse.nic.in पर जारी हुआ है। छात्र mpbse.nic.in और mpresults.nic.in पर जाकर अपना रिजल्ट चैक कर सकते हैं। मध्यप्रदेश बोर्ड ने मार्च में 10वीं और 12वीं की परीक्षा आयोजित की थी। बता दें कि, 12वीं में प्रदेश में सबसे अच्छा रिजल्ट नीमच का रहा है। छिंदवाड़ा की शिवानी ने 12वीं आर्ट्स में 95.2 फीसदी अंक हासिल कर आर्ट्स से टॉप किया है। शिवपुरी के ललित पंचोली ने 98.4 फीसदी हासिल कर विज्ञान (गणित) में टॉप किया है।

12वीं कॉमर्स में आयुषी धेंगुला टॉपर बनी। आयुषी ने 95.7 फीसदी अंक हासिल किए। कृषि में संतोष रावत ने 95 फीसदी के साथ टॉप किया है। 10वीं में हर्षवर्धन परमार और अनामिता ने टॉप किया है। हर्षवर्धन नीमच जिले के रहने वाले हैं। वहीं, अनामिका विदिषा की रहने वाली हैं। 10वीं और 12वीं के कुल मिलाकर 283 छात्र-छात्रों ने टॉप 10 मेरिट में अपनी जगह बनाई।  बारहवीं की टॉप 10 मेरिट में इंदौर की एक लड़की ने जगह बनाई है।

MP Board 10वीं और 12वीं की मैरिट लिस्ट यहां पर देखें

दरअसल शहर के परदेशीपुरा स्थित जनता क्वार्टर में रहने वाली डिंपल कुमावत भी 10वीं की टॉप 10 मेरिट में शमिल हुई है। डिंपल सुबह सात से बारह बजे तक स्कूल में पढ़ाई… दोपहर एक से रात साढ़े नौ बजे तक गारमेंट की दुकान पर सेल्सगर्ल का काम… रात 11 से 2 बजे तक होमवर्क। पढ़ाई के साथ परिवार में आर्थिक संघर्षों का दबाव।

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इन सबके बीच अपने और परिवार के लिए छोटा सा सपना देखा जिसे मेहनत, ईमानदारी और समर्पण से पूरा कर दिखाया डिंपल कुमावत ने। प्रदेश की बारहवीं बोर्ड परीक्षा की मेरिट लिस्ट में टॉप टेन में आई पिंक फ्लॉवर स्कूल की डिंपल ने मातृ दिवस पर अपनी दृष्टिबाधित मां और दर्जी पिता को जीवन का खास तोहफा दिया।

जनता क्वार्टर में रहने वाली डिंपल कुमावत के पास सीएम हाउस से फोन आया तब वह परदेशीपुरा स्थित कपड़े की दुकान पर थी। वह दो साल से घर खर्च और पढ़ाई के पैसे जुटाने के लिए नौकरी कर रही है। डिंपल ने बताया उसे मेरिट की उम्मीद थी, लेकिन प्रदेश की प्रावीण्य सूची में आने की कल्पना नहीं की थी। बिना कोचिंग यह मुकाम पाने वाली डिंपल कलेक्टर बनना चाहती है।

डिंपल ने बताया इस बार आर्थिक परेशानी के कारण अंत तक स्कूल की फीस नहीं भर सकी थी तो लग रहा था कि परीक्षा में शामिल हो पाऊंगी या नहीं? लेकिन स्कूल प्रबंधन ने कड़ी मेहनत और इच्छाशक्ति देख रोल नंबर जारी कर दिया। मैंने शिक्षकों का विश्वास नहीं टूटने दिया। दृष्टिबाधित मां हरिइच्छा कुमावत कहती हैं मातृत्व दिवस पर इससे बड़ा कोई तोहफा नहीं हो सकता।

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