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Tuesday, August 14th, 2018 02:10 PM
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नेत्रदान में सक्रिय शहर की M.K International Eye Bank बना चुकी है वर्ल्ड रिकॉर्ड




नेत्रदान में सक्रिय शहर की M.K International Eye Bank बना चुकी है वर्ल्ड रिकॉर्डHealth & Food



अपनी आँखों से किसी और के जीवन को रोशन करने की प्रेरणा देता है इंदौर का M.K international eye bank। M.K international eye bank मध्यप्रदेश का एकमात्र eye bank है जो जरुरतमंद लोगों को डॉक्टरों की मदद से कॉर्निया दिलाने में सहयोग करता है। यह संस्था 24 घंटे निःशुल्क सेवा देती है। इस संस्था के कार्यों की अधिक जानकारी के लिए Youthens News की टीम ने इस संस्था की निदेशक श्रीमती उमा झंवर जी से बातचीत की। तो आईये जानते हैं क्या कहना है श्रीमती उमा झंवर जी का।

M.K international eye bank की शुरुआत कैसे हुई, इसकी प्रेरणा कहाँ से मिली?

शुरुआत से ही मेरे अन्दर समाज सेवा के काम करने का ज़ज्बा था और फैमिली का भी एक उद्देश्य था कि कुछ अनूठा काम करना है। धर्मशाला, हॉस्पिटल ये तो बहुत सारे होते हैं तो सोचा गया कि कुछ ऐसा काम किया जाए जिसकी यहाँ पर दिक्कतें आ रहीं हो और लोगों को काफी मुश्किलों का सामना कर पड़ रहा हो तो सबसे कंसल्ट किया, डॉक्टर्स और फैमिली ने सलाह दी कि यहाँ पर eye बैंक नहीं है , eye बैंक की व्यवस्था जाए जिससे कॉर्निया डॉक्टर्स को आसानी से मिल सके। तो इस तरह से M.K international eye bank की शुरुआत हुई।

कितने नेत्रदान इस eye बैंक को अभी तक मिल चुकें हैं

यहाँ पर अभी तक 7762 लोग हमारे eye बैंक में डोनेशन के लिए आ चुकेे हैं। जैसे एक इंसान की दो आँखें होती हैं तो अगर उस तरह से देखें तो अभी तक 15,524 कॉर्निया हमारे पास आ चुकीं हैं। कई बार ऐसा होता है कि मृत्यु के बाद आँखें खुली रह जाने से कॉर्निया ख़राब हो जाता है, ऐसी स्थिति में वो कॉर्निया काम नहीं आ पातीं हैं तो प्रत्यारोपण के लिए न जाकर वो रिसर्च या स्टडी के लिए दे दी जाती हैं। बता दें कि बीते जुलाई महीने में हमारे पास 68 कॉर्निया डोनेशन में आये थे। और इस महीने में भी अभी तक 20 कॉर्निया का कलेक्शन हो चुका है जिसमें 5 लोगों ने स्वैच्छिक नेत्रदान किया है।

नेत्रदान के लिए किसी मृत व्यक्ति की आँखों को कितने समय के अन्दर निकालना चाहिए, अगर वो व्यक्ति स्वैच्छिक नेत्रदान करना चाहता है तो?

यदि कोई व्यक्ति नेत्रदान करना चाहता है तो उसकी मृत्यु के लगभग 6 से 8 घंटे के अन्दर-अन्दर आँखें निकाल लेनी चाहिए क्योंकि उसके बाद आँखें डैमेज(ख़राब) हो जाती हैं।

मृत्यु के समय कोई भी मेडिकल फैसिलिटी न होने पर मृतक के नेत्रदान के लिए किन बातों का ध्यान रखें?

यदि नेत्रदान के लिए ऐच्छिक व्यक्ति का देहांत हो जाता है और उस समय पर किसी भी तरह की मेडिकल फैसिलिटी उपलब्ध नहीं है तो आप सबसे पहले मृतक की पलकें बंद करें उसके बाद पलकों पर गीली रुई रखिये, सर के नीचे मोटा तकिया लगाने के साथ-साथ पंखा बंद कर दें और यदि मृत्युस्थल पर एसी या कूलर है तो उसे चलने दें। आप इस पूरी प्रक्रिया को करने के बाद तुरंत eye बैंक को कांटेक्ट कर उन्हें सूचित करें। M.K international eye bank नेत्रदाता तक पहुंचनें के लिए निरंतर 24 घंटे काम कर रहे हैं। क्योंकि मृत्यु का समय तो निश्चित नहीं है मृत्यु किसी भी समय आ सकती है तो उसी तरह आप जिस भी समय नेत्रदान के लिए कॉल करेंगें हमारी हेल्प टीम आप तक पहुँच जाएगी।

किस उम्र के लोग कर सकतें हैं नेत्रदान?

नेत्रदान के लिए किसी तरह की कोई age लिमिट नहीं हैं। किसी भी उम्र का कोई भी व्यक्ति नेत्रदान कर सकता है। अगर कोई बहुत ज्यादा उम्रदराज़ व्यक्ति है तो ऐसा नहीं है कि उसकी आँख किसी के काम नहीं आ सकती। यदि मेडिकली वो आँख प्रत्यारोपण के लिए पूरी तरह स्वस्थ नहीं है तो वो आँख रिसर्च स्टडी के काम आ सकती है। साथ ही अक्सर लोगों की धारणा होती है कि जो लोग चश्मा लगाते हैं या जिनका मोतियाबिंद का ऑपरेशन हो चुका है वो लोग नेत्रदान नहीं कर सकते। पर ऐसा कुछ नहीं है आप किसी भी उम्र में और किसी भी मेडिकल सिचुएशन में नेत्रदान कर सकतें हैं।

मध्यप्रदेश के साथ-साथ और किन राज्यों में M.K international eye bank से कॉर्निया प्रत्यारोपण के लिए भेजा गया है?

M.K international eye bank का उद्देश्य सिर्फ मध्यप्रदेश के लोगों को ही लाभ पहुँचाना नहीं है बल्कि पूरे देश के जरुरतमंदों की मदद हो सके ऐसा हमारा उद्देश्य है। अब तक इस eye बैंक से चंडीगढ़, देहरादून, पटना, विशाखापट्नम, हैदराबाद, मुंबई और महाराष्ट्र के कई सारे क्षेत्रों में कॉर्निया जा चुका है, जिसका प्रत्यारोपण हुआ है। साथ ही हमारे पास कॉर्निया की डिमांड भी लगातार आती रहती है।

नेत्रदान से मृतक का चेहरा नहीं होता है विकृत/ख़राब

कई बार मृतक के घरवालों को यह डर होता है कि यदि हम नेत्रदान देंगें तो हमारे मृतकजन का चेहरा ख़राब हो जायेगा। मैं इस बारे में यही कहना चाहतीं हूँ कि नेत्रदान से मृतक का चेहरा बिल्कुल भी विकृत/ख़राब नहीं होता है और नेत्रदान के लिए पूरी आँख नहीं निकली जाती है बल्कि सिर्फ कॉर्निया लिया जाता है उस कॉर्निया की जगह artificial eye कैप लगायी जाती है और eye कैप लगाने के बाद पलके बंद कर दी जाती हैं उसके बाद दोबारा पलकें नहीं खुलती हैं तो किसी भी प्रकार का कोई फर्क चेहरे में नहीं आता है।

नेत्रदान को लेकर इंदौर के लोग नहीं हैं इतने जागरूक

आज के समय में कॉर्निया आसानी से जरुरतमंदों को नहीं मिल पा रहे हैं। इंदौर से ही नहीं बल्कि बाहर से भी हमारे पास कॉर्निया के लिए डिमांड आ रही है पर हमारे पास उपलब्ध न होने के कारण हमें माना करना पड़ता है तो अक्सर लोग हमसे पूंछते हैं कि क्या इंदौर स्वच्छता में इतना आगे बढ़ गया है कि वहां कोई मृत्यु ही नहीं हो रही है या वहां के लोग सिर्फ सफाई में ही नंबर 1 सोशल वर्क्स में आगे नहीं आना चाहतें हैं। अपने शहर के बारे में इस तरह की बातें सुनना बहुत ही दुखदायी होता है। ऐसा नहीं है कि इंदौर शहर में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हो रही है, मृत्यु हो रहीं हैं रोजाना हो रही है पर यहाँ के लोग नेत्रदान को लेकर इतने जागरूक नहीं हैं।21 वीं सदी में रहने के बावजूद लोग नेत्रदान कई तरह की गलत धारणाएं बना लेते हैं। लोगों से मैं सिर्फ यही कहना चाहूँगीं कि जब भगवान विष्णु नेत्रदान कर सकतें हैं तो हम क्यों नहीं।शिवपुराण के अनुसार हमारे हिन्दू धर्म में पहले नेत्रदाता भगवान विष्णु हैं और पहले नेत्र प्राप्तकर्ता शिव जी। तो जब भगवान ने ही इस महान दान की शुरुआत की थी तो हम इंसान इस दान को करने में क्यों डरते हैं।

लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाये हैं आपने?

इंदौर के लोगों को जागरूक करने के लिए हम समय-समय पर कॉलेज, संस्था और किसी कार्यक्रम में जाकर सेमिनार और लेक्चर आदि आयोजित करते हैं। पोस्टर,बैनर्स आदि भी हम लगाते हैं साथ ही और भी कई तरह से लोगों को जागरूक करने का प्रयास करते रहते हैं। जिससे लोग नेत्रदान करें और दूसरों की सहायता की ओर कदम बढायें।

M.K international eye bank आठ घंटे में सबसे ज्यादा नेत्रदान रजिस्ट्रेशन के लिए खुद को गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज चुका है। इसके साथ ही eye bank में समय-समय पर भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे अब्दुल कलाम अपने जीवनकाल के दौरान आते रहते थे और हमें मार्गदर्शन देते थे।

अंत में मैं इंदौरवासियों से यही कहना चाहूँगीं कि ज्यादा से ज्यादा लोग नेत्रदान कर जरुरतमंदों की सहायता करें। क्योंकि आपका एक कदम किसी की जिंदगी को रोशन कर सकता है। हमारी संस्था M.K international eye bank 24 घंटे निःशुल्क सेवा आपको प्रदान कर रही है। साथ ही अपने आस-पास के लोगों को नेत्रदान के लिए मोटीवेट करें उन्हें जागरूक करें।

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