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Saturday, April 21st, 2018 03:41 PM
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कभी चपरासी की नौकरी करता था ये शख्स, आज खुद की मर्सडिज में करता है सैर




कभी चपरासी की नौकरी करता था ये शख्स, आज खुद की मर्सडिज में करता है सैर



हर व्यक्ति अपने बचपन से एक चीज सुनता हैं और वह हैं “मेहनत करोगे तो मंजिल मिलेगी।” आपको बता दें, आज हम ऐसे ही एक व्यक्ति के बारें में बात कर रहें हैं जिन्होंने अपने बचपन से ही मेहनत करना शुरू कर दिया था और आज एक बड़ी सेलेब्रिटी बनकर सभी के सामने आए हैं। जी हाँ! हम बात कर रहें हैं कॉमेडियन राजीव ठाकुर के बारे में। आइए जानते हैं कैसी हैं उनकी लाइफ स्टाइल:-

राजीव के अनुसार जब वें छोटे थे तब उनके घर के हालात ठीक नहीं थे इसलिए उन्होंने 10वीं पास करते ही जॉब तलाशना शुरू कर दिया। जी हाँ! उस वक़्त उन्होंने चपरासी की नौकरी को भी किया। जिससे वह 6 से 7 हज़ार रूपये की कमाई किया करते थे। लेकिन कहते हैं, वक़्त को कुछ और ही मंजूर होता हैं क्योंकि राजीव जिन्हें अपने अच्छे दिन समझ रहें थे वह उनके बुरे दिन रहें। तबीयत खराब होने की वजह से उन्हें अपनी इस नौकरी को भी छोड़ना पड़ा था।

इसके बाद उन्होंने अपने मामा के बिजनेस ‘कपड़ो पर मीनाकारी’ करने को ज्वाइन किया और वहाँ एक मजदूर बनकर काम किया। वें बताते हैं कि, उस वक़्त उनके घर पर फ्रीज नहीं था और ना ही वें खरीद पा रहे थे क्योंकि उनकी सैलेरी भी उतनी नहीं थी। उन्होंने अपनी पहली कमाई में 600 रूपये और एक पेंट कमाई थी।

दोस्तों ने उड़ाया मज़ाक

उन्होंने बताया कि, मुझे साईकिल का बहुत शौक था। स्कूल टाइम में मेरे एक दोस्त से मैंने 200 रूपये में साईकिल खरीदी थी लेकिन कॉलेज वक़्त में मुझ पर रेंजर साईकिल का भूत सवार चढ़ा था। यहीं कारण था कि, मैंने अपने पिताजी से जिद की और नई साईकिल खरीदने को कहा। इसके बाद वह मेरे लिए साईकिल लेकर आए लेकिन वह लेडीज साईकिल थी। मेरी इस साईकिल का मेरे सभी दोस्तों ने खूब मज़ाक उड़ाया। जिसके बाद मै उस साईकिल को कभी भी कॉलेज लेकर नहीं गया।

पत्नी को कहा लिपस्टिक लगाना छोड़ दो

एक कॉलेज में थिएटर की क्लासेस देने की जॉब मिलने के बाद उन्होंने करीब 15 हजार रूपये की कमाई की थी। उन पैसों से राजीव ने नई वेस्पा स्कूटर खरीदी। इसी बीच उनकी शादी हुई लेकिन पत्नी आरती को स्कूटर पसंद नहीं थी क्योंकि उन्हें बाईक पसंद थी। यहीं कारण था की उन्होंने राजीव से बाईक की जिद की। तब राजीव का जवाब कुछ इस प्रकार था “ठीक हैं  बाइक खरीद लूंगा लेकिन फिर तुझे लिपस्टिक-पाउडर के पैसे नहीं दूंगा। मंजूर हो तो बोल। इसके बाद वो मान गई और मैंने नई बाईक खरीद ली।”

आज इस तरह की लाईफ स्टाइल जीते हैं ‘राजीव’

कॉलेज के दिनों से ही दोस्तों से मजाक करकर उन्हें चुटकुले सुनाने वाले राजीव कहते हैं कि, मुझे पता भी नहीं था कि यह एक कला हैं  जिसे स्टैंड-अप कॉमेडी कहते हैं। उस वक़्त मुझे लोग ‘गेस्ट आइटम’ कहकर बुलाते थे। लाफ्टर चैलेन्ज शो के तीसरे सीजन में सिलेक्ट होकर राजीव ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज वह अपने नए शो ‘तेरा बाप मेरा बाप’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। वैसे आज वह अपना सफ़र किसी साईकिल या बाईक पर नहीं बल्कि मर्सडीज  से तय करते हैं।

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