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Friday, June 22nd, 2018 10:15 PM
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घरवालों ने कर दी थी मनाही, अब लड़कों के खेल में रोशन करेगीं भारत का नाम




घरवालों ने कर दी थी मनाही, अब लड़कों के खेल में रोशन करेगीं भारत का नाम



लड़कियों को अगर किसी गेम में हिस्सा लेना हो तो पहले उन्हें उनके पैरेंट्स की इजाजत लेनी पड़ती है। कई बार ऐसा होता है कि पैरेंट्स इजाजत नहीं देते और इसी कारण एक अच्छा-भला प्लेयर एक अच्छे मुकाम पर पहुचने से रूक जाता है लेकिन दिल्ली की सीमा ने अपने साथ ऐसा बिल्कुल नहीं होने दिया। उन्होंने अपने पैरेंट्स के मना करने के बावजूद भी एक ऐसे गेम में पार्टिसिपेट किया जिसे लोग लड़कों का खेल समझते हैं और उसके बाद क्या हुआ आइए आपको बताते हैं।

दिल्ली के एक गांव की लड़की की कहानी

जिस लड़की की दास्तान हम आपको बता रहे हैं वो दिल्ली की सीमा वशिष्ठ हैं जो अब कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का नाम रोशन करेगीं। सीमा नजफगढ़ के ढिंचा गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि‘पहले मेरा वजन काफी ज्यादा था। इसलिए मैं स्पोर्ट्स एक्टिविटी में हिस्सा नहीं लेती थी, लेकिन मैं चाहती थी कि स्कूल गेम्स में पार्टिसिपेट करूं। एक दिन स्पोर्ट्स टीचर ने मुझे कबड्डी में हिस्सा लेने के लिए कहा। मैं उस मैच में अच्छा नहीं कर पाई और मेरा मन भी कबड्डी में नहीं लगता था। इस बीच स्कूल के पीटीआई ने मुझे वेटलिफ्टिंग में हिस्सा लेने के लिए मोटिवेट किया। मैंने उसमें पार्टिसिपेट किया और अपने टीचर के उम्मीदों पर खरी उतरी। यहां से मेरे वेटलिफ्टिंग करियर की शुरुआत हुई थी।

मेडल जीतकर बदली घरवालों की सोच

सीमा ने बताया कि उन्होंने जब वेटलिफ्टिंग की प्रैक्टिस शुरू की तो घरवालों ने काफी विरोध किया। उन्होंने कहा कि ये लड़कों का खेल है। लड़कियों के लिहाज से ये बिल्कुल ठीक नहीं है लेकिन सीमा ने किसी की नहीं सुनी और अपनी प्रैक्टिस जारी रखी। इस बीच उनका चयन स्कूल नेशनल के लिए हो गया, जिसमें उन्होंने मेडल जीतकर घरवालों की सोच बदल दी। अब उन्हें घर वाले फुल सपोर्ट करते हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में मौका मिलने से सभी खुश हैं।

75 किग्रा. में लेंगी हिस्सा

सीमा वशिष्ठ कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार इंडिया को रिप्रेजेंट करेंगी। उनका चयन 75 किलोग्राम भार कैटिगरी में हुआ है। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप और जूनियर-सीनियर एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। जूनियर एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड व सीनियर में सिल्वर मेडल हासिल किया। इसके अलावा भी उन्होंने कई चैंपियनशिप मेडल हासिल किए हैं।

रोजाना 6 घंटे कर रही हैं प्रैक्टिस

सीमा ने बताया कि वह पाटियाला में इंडिया कैंप में 6 घंटे प्रैक्टिस कर रही हैं। वह अपने डाइट पर भी पूरा ध्यान दे रही हैं। डाइट में नॉनवेज डेली खाती हैं। साथ ही कोच के सुझाव पर सप्लीमेंट भी ले रही हैं। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले एक महीने का कैंप मेलबर्न में भी चलेगा।

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