page level


Thursday, December 14th, 2017 06:25 PM
Flash




13 की उम्र में संगीत के लिए छोड़ा घर, साधुओं के बीच रहकर बना ‘अल्लाह का बंदा’




Entertainment

kailash kher

‘अल्लाह के बंदे’  कहे जाने वाले मशहूर सूफी गायक कैलाश खेर का आज जन्मदिन है. बॉलीवुड में अपनी अलग तरह की गायकी के लिए मशहूर सूफी गायक कैलाश खेर देश के चौथे सबसे बड़े सम्मान पद्मश्री से सम्मानित हैं उनकी सूफियाना अंदाज भरी आवाज का हर कोई दीवाना है। सूफी गायकों में नजर आने वाला कबीराना फक्कड़पन मिजाज़ रखने वाले कैलाश खेर का जन्म दिल्ली 7 जुलाई 1973 को कश्मीरी पंडित परिवार में मेरठ उत्तर-प्रदेश में हुआ था।

उन्हें संगीत का बहुत शौक था, पर उन्होंने कभी भी फ़िल्मी संगीत नहीं सुना था और ना ही उसे गाने की कोशिश ही की थी वो सिर्फ अपने पिता के गाए हुए कबीर और बाबा गुरुसाहेब की वाणी सुना करते थे। उनके पिता पंडित मेहर सिंह खेर पुजारी थे और अक्सर घरों में होने वाले इवेंट में ट्रेडिशनल फोक गाया करते थे। कैलाश ने बचपन में पिता से ही संगीत की शिक्षा ली।

kailash kher 2

सूफी गायकी के लिए कैलाश खेर की प्रेरणा पाकिस्तानी सूफी गायक नुसरत फ़तेह अली खान रहे हैं, उन्हें ही प्रेरणा मानकर कैलाश खेर ने सूफी गायन शुरू किया. सूफी गायकी के अलावा कैलाश खेर मशहूर भारतीय पॉप-रॉक गायक भी हैं और उनकी यह शैली भारतीय लोक संगीत से प्रभावित है। कैलाश खेर अबतक 18 भाषाओं में गाने गा चुके हैं और 300 से अधिक गाने बॉलीवुड में गाये हैं इन्होने।

संगीत जगत में कैलाश खेर की सफलता की डगर बहुत आसान नहीं थी. उन्हें बहुत संघर्ष किया यहाँ तक कि मात्र 13 साल की उम्र में कैलाश ने अपना घर छोड़ दिया संगीत के लिए और दिल्ली चले गए पर वहां पर पैसों की तंगी के चलते वो हर काम किया जो वो कर सके और फिर व्यवसाय करने लगे जिसमे इन्हें घाटा हुआ और जितने भी पूंजी थी वो सब बरबाद हो गई। ये सब होने पर जिंदगी से हारे हुए कैलाश खेर ने अपना जीवन ख़त्म करने का सोचा पर ऐसा ना कर के वो ऋषिकेश चले गए और वह साधू संतों के बीच रहे. उन्होंने वह संतों के लिए गाया और उनके संगीत पर बड़े बड़े संत झूमते रहते थे जिसे देखकर कैलाश खेर ने फिर अपना आत्मविश्वास हांसिल किया और 28 की उम्र में संगीत की दुनिया में नाम कमाने मुंबई आ गए.

शुरुआत में मुंबई में भी बहुत संघर्ष किया और फिर उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान अक्षय कुमार और प्रियंका चोपड़ा की फिल्म अंदाज से पाई। इस फिल्म में उन्होंने गाने ‘रब्बा इश्क ना होवे’ में आवाज दी, जो उस दौर का सबसे सुपरहिट और चार्टबस्टर गाना साबित हुआ था। इसके बाद उन्होंने फिल्म वैसा भी होता है में ‘अल्ला के बंदे हम ‘ गाने में आवाज दी , जो उनका अबतक का सबसे प्रसिद्ध और हिट सॉंग है।  इन दोनों हिट गानों के बाद कैलाश बॉलीवुड के मशहूर गायकों की फेहरिस्त में शामिल हो गये। अभी आई सुपरहिट फिल्म बाहुबली में उनका गाया गाना जय जयकारा बहुत पसंद किया गया.

उनके कुछ मशहूर गाने हैं जो आप यहाँ सुन सकते हैं- 

Sponsored






Loading…

Subscribe

यूथ से जुड़ी इंट्रेस्टिंग ख़बरें पाने के लिए सब्सक्राइब करें