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Tuesday, December 12th, 2017 11:45 PM
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निरूपा रॉय : बॉलीवुड की वो मां जिनके पैर अमिताभ से लेकर शशि कपूर तक छूते थे




निरूपा रॉय : बॉलीवुड की वो मां जिनके पैर अमिताभ से लेकर शशि कपूर तक छूते थेEntertainment

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हिंदी सिनेमा में ‘कष्टों की रानी’ और अधिकतर फिल्मों में माँ का रोल निभाने वाली 73 वर्षीय निरूपा रॉय का 13 अक्टूबर 2004 को देहांत हो गया था। 50 सालों से भी ज्यादा का वक़्त हिंदी सिनेमा को देने वाली निरूपा रॉय ने 275 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया हैं। आपको बता दें, 4 जनवरी 1931 को गुजरात में निरूपा जी का जन्म हुआ था।

प्रोफेशनल लाईफ

आपको बता दें, निरूपा जी का मूल नाम कोकिला बेन था लेकिन फिल्मों की दुनिया में आने से पहले उन्होंने अपना नाम बदल लिया था और फिल्म ‘अमर राज’ से हिंदी फिल्मों की दुनिया में कदम रखा था। वैसे 1953 में निरूपा जी की फिल्म ‘दो बीघा जमीन’ बड़े पर्दे पर काफी छाई रहीं। अपने करियर के शुरूआती दिनों में निरूपा जी ने फिल्मों में कई अलग-अलग रोल किए लेकिन 70”s और 80”s के दौर में निरूपा जी ने माँ के रोल को करना ज्यादा पसंद किया। जी हाँ! 1975 में फिल्म ‘दीवार’ में अमिताभ बच्चन की मां की भूमिका निभाने के बाद ‘खून पसीना’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘सुहाग’, ‘इंकलाब’, ‘गिरफ्तार’, ‘मर्द’  और ‘गंगा जमुना सरस्वती’ जैसी फिल्मों में माँ के रोल को निभा चुकी हैं। निरूपा जी ने अपने करियर में कई बहतरीन फ़िल्में की जैसे- माँ, दीवार, मर्द, अमर अकबर एंथेनी आदि।

फिल्मों के साथ-साथ लोगो ने किया गानों को पसंद

फिल्मों के साथ-साथ निरूपा जी के गानों को भी सभी लोगो ने काफी पसंद किया। उनके कई गाने फेमस रहें जैसे- तु कितनी अच्छी हैं माँ, मेरे राजा मेरे लाल, चाहे पास हो चाहे दूर हो आदि गानें फेमस रहें।  इसी बीच 1946 में निरूपा जी ने कमल रॉय से शादी भी की। उनके दो बेटें हैं किरन और योगेश।

लम्बे समय तक बड़े पर्दे पर अपने वर्चस्व को जमाए रखने वाली निरूपा जी ने अपने करियर में कई अवार्ड भी जीते जैसे- 1956 से लेकर 1965 तक सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवार्ड जीता और इसके साथ ही 2004 में लाईफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड को भी अपने नाम किया।

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