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Tuesday, December 12th, 2017 11:44 PM
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जानिए क्यों किशोर कुमार से नाराज़ हो गई थी ‘सरकार’




जानिए क्यों किशोर कुमार से नाराज़ हो गई थी ‘सरकार’Entertainment

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संगीत के जादूगर कहे जाने वाले किशोर कुमार का 13 अक्टूबर 1987 को मुंबई में देहांत हो गया था। किशोर दा एक मल्टीटैलेंटेड व्यक्ति थे क्योंकि वह संगीतकार के साथ-साथ एक कंपोजर, प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और स्क्रीन राईटर भी थे। वैसे किशोर दा का अपना करियर एक अभिनेता के रूप में शुरू हुआ था। 4 अगस्त 1929 को खंडवा में जन्म लेने वाले किशोर दा ने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे लेकिन कभी हार नहीं मानीं। आपको बता दें, किशोर कुमार का असली नाम आभास कुमार गांगुली था।

प्रोफेशनल लाईफ

1946 में फिल्म शिकारी से एक अभिनेता के रूप में अपने करियर की शुरूआत करने वाले किशोर दा को 1948 में आई फिल्म जिद्दी के दौरान देव आनंद के लिए पहली बार गाना गाने का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और 1951 में फिल्म आन्दोलन में लीड एक्टर के रोल में नजर आए। उन्होंने अपने जीवनकाल में चलती का नाम गाड़ी, नौकरी, बाप रे बाप, पड़ोसन, हाफ टिकट आदि बेहतरीन फ़िल्में की थी।

गीत-संगीत

किशोर दा की गीत-संगीत में शुरू से ही काफी रुचि रहीं हैं। 1948 से अपने संगीत का करियर शुरू करने वाले किशोर दा ने अपने जीवनकाल में करीब 574 से भी अधिक गानें गाए हैं। संगीत की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाने की वजह उनकी आवाज़ थी क्योंकि उन्होंने देव आनंद से लेकर राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन के लिए अपनी आवाज़ दी हैं। इसके साथ ही किशोर दा ने हिंदी के साथ-साथ तमिल, गुजराती, मलयालम, असमी, मराठी आदि जैसी भाषाओं में भी गाने गाए हैं। उन्होंने जहाँ 81 फिल्मों में अभिनय किया हैं तो 18 फिल्मों का निर्देशन भी किया हैं। उन्होंने कई हिट गाने भी गाए जिसमें से “रूप तेरा मस्ताना प्यार मेरा दीवाना” गाना काफी चलन में रहा। इसके साथ ही उन्होंने 1984 से लेकर 1986 तक लगातार प्ले बैक सिंगर का अवार्ड भी जीता।

स्वर्णकाल में संघर्ष

आपको बता दें, किशोर दा ने स्वर्णकाल के दौरान अपने जीवन की शुरुआत की थी जहाँ अभिनय की दुनिया में राज कपूर, दिलीप कुमार जैसे कलाकार और संगीत की दुनिया में मोहम्मद रफ़ी, मुकेश, मन्ना डे जैसे गायकों का बोलबाला था लेकिन किशोर दा ने अपने हुनर और काबिलियत से धीरे-धीरे सभी के दिलों में जगह बना ली थी। जहाँ एक तरफ किशोर दा को अपने करियर के शुरूआती दिनों में संघर्ष करना पड़ा था वहीं दूसरी तरफ 1975 में आपातकाल के वक़्त भी उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा था।

जी हाँ! आपातकाल के वक़्त एक सरकारी समारोह में किशोर दा ने भाग लेने से साफ़ मना कर दिया इसलिए तत्कालीन सूचना और प्रसारण मंत्री विद्याचरण शुक्ला ने उनके गीतों को आकाशवाणी पर प्रसारित होने से भी रोक दिया था और इसके साथ ही उनके घर पर छापा भी मारा गया था।

पर्सनल लाईफ

किशोर दा ने अपनी पहली शादी रूमा देवी से की थी लेकिन जल्द ही उनका यह रिश्ता टूट गया और उन्होंने रूप सुंदरी मधुबाला से शादी कर ली। इसके बाद दोनों ने कुछ फिल्मों में साथ काम किया लेकिन 1976 में किशोर दा ने योगिता बाली से शादी कर ली लेकिन यह रिश्ता तो शायद कुछ महीनों के लिए ही था क्योंकि इसके बाद किशोर दा ने अपने बेटे अमित से उम्र में दो साल बड़ी लीना चंद्रावरकर से शादी की थी।

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