page level


Sunday, December 17th, 2017 04:15 AM
Flash




छोटी सी गलती पर ‘जापान रेल्वे’ ने मांगी माफी, दुनियाभर के लिए बड़ी सीख




छोटी सी गलती पर ‘जापान रेल्वे’ ने मांगी माफी, दुनियाभर के लिए बड़ी सीखSocialWorld

Sponsored




इंडियन रेल्वे में तो आपने खूब सफर किया होगा। क्या मज़ा आता है न रेल में सफर करके! रेल लेट भी खूब होती है कभी 1 घंटा, कभी 2 घंटे तो कभी 5 घंटे। ट्रेन के लेट होने और कभी-कभी जल्दी आने से आप हमेशा ही परेशान रहते हैं लेकिन रेल्वे की तरफ से इस पर कोई सुनवाई नहीं होती। भारतीय रेल्वे को जापान के रेल्वे विभाग से सीखना चाहिए। अब आप सोच रहे होंगे कि क्या सीखना चाहिए तो आइए आपको बताते हैं।

# 20 सेकंड पहले चल पड़ी ट्रेन

जापान की रेल सेवा ने हाल ही में एक नया उदाहरण दुनियाभर के रेल्वे सिस्टम के समक्ष खड़ा किया है। वो ये है कि एक दिन उनकी ट्रेन जल्दी चल पड़ी। ज़्यादा जल्दी भी नहीं सिर्फ 20 सेकंड पहले चली थी। इस बात पर रेल्वे के कर्मचारियों और विभाग को इतनी शर्मिन्दगी हुई कि उन्होंने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर बुधवार को सभी से माफी मांगी।

# ऑफिशियली मांगी माफी

अधिकारियों ने वेबसाइट पर लिखा, ‘ट्रेन निर्धारित समय से पहले रवाना हुई। इस कारण यात्रियों को बेहद असुविधा का सामना करना पड़ा होगा। उन्हें हुई असुविधा के लिए हम माफी मांगते हैं।’ टोक्यो के अकिहाबरा और इबारकी प्रांत के सुकुबा के बीच चलने वाली सुकुबा एक्सप्रेस लाइन का संचालन टोक्यो-एरिया मेट्रोपॉलिटन इंटरसिटी रेलवे कंपनी करती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर क्षेत्र में मिनामी नागरेयामा स्टेशन पर ट्रेन रवाना होने का स्थानीय समय सुबह 9ः44 बजे है। मंगलवार को यह रेल नियमित समय की जगह सुबह 9 बजकर 43 मिनट और 40 सेकंड पर ही रवाना हो गई। यानी ट्रेन अपने तय समय से 20 सेकंड पहले छूट गई।

# हर चार मिनट में गुजरती है एक ट्रेन

इस स्टेशन पर सुबह प्रत्येक चार मिनट में एक ट्रेन गुजरती है। इस हिसाब से यात्रियों को शायद ही ट्रेन के समय पूर्व रवाना होने का पता चला होगा। पर कंपनी का ध्यान जैसे ही लोगों की परेशानी पर गया, उसने माफी मांगी। सुकुबा एक्सप्रेस लाइन 2005 में शुरू हुई थी। यह जापान की रैपिड सर्विस श्रेणी की रेल सेवा है।

# देरी पर मिलता है सर्टिफिकेट

इंडिया में ट्रेन लेट हो जाए तो किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन जापान में ट्रेन लेट होने पर ड्राइवर को जवाब देना पड़ता है। रेल कंपनी यात्री को देरी का सर्टिफिकेट या मैसेज जारी करती है। मुसाफिर इस सर्टिफिकेट को अपने ऑफिस, संस्थान या स्कूल में देरी से पहुंचने की सही वजह के सबूत के तौर पर दिखा सकते हैं।

यह भी पढ़ें- 

जापान के इतिहास में पहली बार कोई सम्राट छोड़ेगा अपना पद, जानिए कौन बनेगा नया सम्राट

इस राज्य में है देश का बेनाम रेलवे स्टेशन, हर दिन गुजरती 6 ट्रेन

रेलवे ने बदल दिए नियम, जान लें ये है पूरी बात

Sponsored






Loading…

Subscribe

यूथ से जुड़ी इंट्रेस्टिंग ख़बरें पाने के लिए सब्सक्राइब करें