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Monday, September 24th, 2018 06:10 PM
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महाराष्ट्र के CM फडऩवीस पर भूमि घोटाले का आरोप, इन 3 विवादित फैसलों से आए थे सुर्खियों में…




महाराष्ट्र के CM फडऩवीस पर भूमि घोटाले का आरोप, इन 3 विवादित फैसलों से आए थे सुर्खियों में…Politics



कांग्रेस ने सोमवार को महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़णवीस पर गंभीर आरोप लगाया है। विपक्षी पार्टी ने कहा है कि नवी मुंबई में नवी मुंबई में एक प्रमुख भूखंड एक बिल्डर को गलत दामों में ंबेच दी। इस मामले में मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरूपम और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाल ने मुंबई के उच्च न्यायलय के दो मौजूदा न्यायधीशों से इसकी जांच कराने की मांग की है। बता दें कि कांग्रेस ने इसे महाघोटाला करार दिया है।

राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मीडिया को बताया कि फड़णवीस सरकार ने लगभग 1,767 करोड़ रुपये कीमत की 24 एकड़ जमीन पैराडाइज बिल्डर्स को मात्र 3.60 करोड़ रुपये में दे दिया है।

निरूपम ने अपने आरोपों को स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में पैराडाइज बिल्डर्स ने नवी मुंबई में निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से लगी जमीन मांगी थी और अधिकारियों ने कथित तौर पर कोयना बांध परियोजना में विस्थापित हुए कुछ भोले-भाले किसानों की पहचान की, ताकि उन्हें सिडको की भूमि आवंटित कर बाद में उसे बिल्डर को स्थानांतरित कर दिया जाए।

हालांकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की राज्य इकाई के प्रवक्ता माधव भंडारी ने सभी आरोपों तत्काल खारिज कर दिया और इसे झूठा व निराधार बताया। जबकि फड़णवीस के करीबी विश्वासपात्र और विधायक प्रसाद लाड ने कांग्रेस के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर करने की धमकी दी।

इन तीन फैसलों से आए थे सुर्खियों में –

 # 1996 में शिवसेना और बीजेपी द्वारा बनाए गए महाराष्ट्र पशु संरक्षण विधेयक के पारित होने के 19 साल बाद फड़णवीस सरकार ने इस विधेयक को मंजरी दी, जिसके तहत गायों की हत्या करने पर प्रतिबंध लगाया गया। ऐसा करने पर 5 साल की जेल की सजा के साथ 10 हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया गया था। फड़णवीस के इस फैसले ने सोशल मीडिया पर घमासान मचा दिया था। जबकि राज्य में गौमांस व्यापारियों ने प्रतिबंध लगाने का विरोध करने के लिए एक महीने की हड़ताल की थी।

# फड़णवीस की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार ने नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में मुसलमानों के लिए आरक्षण प्रदान करने वाले अध्यादेश को तोड़ दिया था। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार कांग्रेस-एनसीपी ने एक अध्यादेश पेश किया था, जिसमें मराठों के लिए 16 प्रतिशत और मुसलमानों के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण की मांग की गई थी। तब बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठों के लिए आरक्षण ओर सरकारी नौकरियों में मुसलमानों के लिए आरक्षण को रद्द कर दिया था। लेकिन शिक्षा में मुसलमानों के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण को बरकरार रखा था।

# फड़णवीस सरकार तब सुर्खियों में आ गई जब सभी मल्टीप्लेक्स से हर दिन 6 से 9 बजे के प्राइम स्लॉट में एक मराठी फिल्म चलाने के लिए कहा गया। यह कदम सरकार ने मक इन महाराष्ट्र की पहल करते हुए उठाया था। बता दें कि राज्य सरकार हर वित्तीय वर्ष में एक मराठी फिल्म के लिए पहले से ही अवॉर्ड विनिंग किसी भी मराठी फिल्म के लिए सब्सिडी प्रदान करती है।

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