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Wednesday, June 20th, 2018 11:07 AM
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संवारना चाहतें हैं अपना कैरियर तो बनें ग्रामीण हेल्थकेयर, जानिए इस कोर्स से जुडी पूरी डिटेल्स




संवारना चाहतें हैं अपना कैरियर तो बनें ग्रामीण हेल्थकेयर, जानिए इस कोर्स से जुडी पूरी डिटेल्सEducation & Career



ग्रामीण हेल्थ केयर वर्कर्स मध्यस्तरीय स्वास्थ्य कर्मचारी होते हैं जो सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं का निदान और इलाज़ करने के लिए प्रशिक्षित किये जातें हैं, ताकि शुरूआती इलाज़ उपलब्ध करा सकें और आगे के इलाज़ के लिया गंभीर रूप से बीमार या घायल मरीजों को अस्पतालों तक पहुँचाया जा सकें। ग्रामीण हेल्थ केयर वर्कर हमारे देश की स्वास्थ्य से जुडी आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।आईये आपको बतातें हैं इस कोर्स से जुडी महत्वपूर्ण जानकारियां-

क्या है ग्रामीण हेल्थ केयर की जिम्मेदारियां

ग्रामीण हेल्थ केयर वर्कर की प्राथमिक जिम्मेदारियों में मामूली बिमारियों का इलाज़, बुजुर्ग लोगों की देखभाल, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की देखभाल शामिल होते हैं। इसके अलावा वे परिवार नियोजन सेवाओं, स्वच्छता के लिए जागरूकता फैलाना और स्वच्छता को बढ़ावा देना, संचारी रोगों के लिए स्क्रीनिंग, स्वस्थ्य शिक्षा गतिविधियों का प्रदर्शन, आंकड़े इकठ्ठा करना, रिकॉर्ड बांये रखना और स्वश्त्य ज्यादा ख़राब होने पर क्षेत्रीय लोगों को अस्पतालों तक पहुंचवाने का काम भी करते हैं। वे गर्मीं समुदाय के सदस्यों के साथ काम में हाथ बटातें हैं। मेडिकल प्रोफेशनल्स और शिक्षकों के लिए डाटा एकत्र करने से लेकर सार्व्ज़नुइक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने में भी मदद करते हैं।

कैसे बनें हेल्थ केयर वर्कर

इस काम को वही कर सकता है जो सेवाभावी जो। जिसके मन में स्वास्थ्य से जुडी बिमारियों को जड़ से निकल फेंकने का सपना हो। अगर आपमें भी यह सभी खूबियाँ हैं तो इस फील्ड में कैरियर चुन सकतें हैं। इस फील्ड में कैरियर बनाने के लिए अभ्यार्थी को किसी भी संकाय से और मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास करना जरुरी होता है।

क्या होगी सैलरी

डिप्लोमा इन रूरल हेल्थ केयर का कोर्स करने के बाद बतौर कर्मचारी कैरियर शुरू कर सकतें हैं। इन्हें शुरुआत में 10 हज़ार से लेकर 15 हज़ार रूपये तक मिल सकतें हैं। अनुभव होने पर सुपेर्विसेर या डेवलपमेंट ऑफिसर बन सकतें हैं।

ये हैं इस कोर्स के लिए प्रमुख संस्थान

इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए यह कुछ प्रमुख संस्थान हैं-

महर्षि मर्केंडेश्वर यूनिवर्सिटी, अम्बाला, हरियाणा, www।mmumullana।org

इंडियन मेडिकल इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग, जालंधर, www।iminursing।in

इंस्टिट्यूट ऑफ़ एलाइड हेल्थ साइंसेज कोलकाता, www।iahs।co।in

दिल्ली पैरा एंड मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट, नई दिल्ली, www।dpmiindia।com

कोर्स से जुडी अधिक जानकारियां

अभ्यार्थी रूरल हेल्थ केयर में 1 वर्ष और 2 वर्ष का डिप्लोमा लेकर एक्सपर्ट बन सकतें हैं और इस फील्ड से जुड़े हर कार्य को  प्रैक्टिकली समझ सकतें हैं। इसके साथ ही उन्हें अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल करके ट्रेनिंग भी दी जाती है।

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