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Monday, September 24th, 2018 02:23 PM
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सबसे लड़ी लेकिन अपने ‘मॉडल’ बनने के सपने को कभी नहीं छोड़ा




सबसे लड़ी लेकिन अपने ‘मॉडल’ बनने के सपने को कभी नहीं छोड़ाFashion



यदि आपके सपने बड़े हो तो कभी अपनों से लड़ना पड़ता है तो कभी समाज से लेकिन इरादे मजबूत हो तो बुरा वक्त भी हार मान जाता है। कुछ ऐसी ही कहानी है इंदौर की मॉडल स्याशा मंघनानी की, जो मिस इंडो-ऐशिया की फाइनलिस्ट रह चुकी है। यूथेंस न्यूज़ की टीम जब स्याशा से मिली तो वे बताती है कि ‘मेरी जर्नी ब्राइडल मेकअप से शुरू हुई थी। मेकअप आर्टिस्ट दीपक गायंकवाड है उन्होंने मेरे फेस पर ब्राइडल मेकअप किया था। इसके बाद से सफर शुरू हुआ। कई सारे मॉडलिंग शूट किए लेकिन फैमिली का सपोर्ट बहुत ज्यादा नहीं है। फिर भी मैंने हार नहीं मानी।’

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फ्यूचर प्लान क्या है?

इसके साथ ही मैं ब्लॉग्स भी लिखती हूँ। और इन दिनों कियाना फैशन (क्रासा) के साथ में क्लोदिंग शूट भी चल रहा है। जल्द ही एक वेबसाइट लॉन्च करूंगी जो खासकर क्लोदिंग ब्रांड्स के लिए रहेगी। जिसमें ट्रेंडिंग फैशन से जुड़ी सारी अपडेट रहेगी और कैजुएल ड्रेस को भी किस तरह से कैरी करना है वो सबकुछ जानने को मिलेगा। मैंने अपनी अभी तक की जर्नी में बहुत कुछ देखा और सीखा है।

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ऐसा है कि मॉडलिंग के लिए कभी बहुत सपोर्ट नहीं मिला है। घर वालों का कहना है कि जो भी करना है शादी के बाद करना इसलिए बस ऐसा कुछ करना चाहती हूँ जिससे पैरेंट्स गर्व महसूस करें। वहीं अभी मैं टाइटल ‘मिस दिवा’ के लिए भी खुद को तैयार कर रही हूँ।

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