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Tuesday, September 25th, 2018 05:17 PM
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JEE Mains में मेरिट को लेकर बदल जाएंगे नियम, होंगे ये बदलाव भी….




JEE Mains में मेरिट को लेकर बदल जाएंगे नियम, होंगे ये बदलाव भी….Education & Career



आईआईटी मेन्स में मेरिट लिस्ट को लेकर बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। अगले साल से देशभर के आईआईटी समेत सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाले जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम में और भी बड़े बदलाव होंगे। जहां एक बदलाव मैरिट के आधार पर दी जाने वाली रैंकिंग से संबंधित होगा वहीं दूसरा परीक्षा के फॉर्मेट से।

अंकों के आधार पर होगी रैंकिंग-

अब तक जेईई मेन के लिए उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट अंकों के आधार पर तैयार होती थी, लेकिन साल 2019 से पर्सेंटाइल स्कोर को आधार बनाया जाएगा। दूसरी तरफ अगर परीक्षा की बात करें तो अगले साल से परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड होगी और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी साल में दो बार परीक्षा का आयोजन करवाएगी। परीक्षा कई दिनों तक चलेगी और दिन में कई सत्र भी होंगे।

ऐसा होगा परीक्षा का फॉर्मेट-

परीक्षा को लेकर होने वाले बदलाव में राहत की बात यह है कि छात्रों के लिए परीक्षा साल में दो बार होगी। इसलिए छात्रों के पास दो बार परीक्षा देने का ऑप्शन रहेगा। परीक्षा 14 दिनों तक होगी और हर दिन कई सत्र होंगे। इस तरह के बदलाव परीक्षा में होने वाली धोखाधड़ी और गड़बड़ी को रोकने के लिए किए गए हैं।

एनटीए के एक अधिकारी ने बताया, ‘हर सेशन में छात्रों को सवालों के अलग सेट्स मिलेंगे। सभी सत्रों के क्वेस्चन पेपर में बराबर कठिनाई स्तर वाले सवाल पूछे जाएं लेकिन किसी सत्र का क्वेस्चन पेपर ज्यादा कठिन तो किसी सेशन का पेपर थोड़ा आसान हो सकता है। प्रश्नपत्रों में कठिनाई के स्तर से निपटने के लिए यह व्यवस्था की गई है कि प्रत्येक सेशन का पर्सेंटाइल स्कोर उस खास सेशन में छात्रों के प्रदर्शन के अनुसार होगा।’ अधिकारी ने बताया कि कठिनाई के अलग-अलग स्तर की स्थिति में कुछ कैंडिडेट्स को ज्यादा मुश्किल सवालों वाले सेट्स मिल सकते हैं जिससे उनको कम मार्क्स हासिल करने की संभावना रहेगी। ऐसे में पर्सेंटाइल स्कोर के आधार पर नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि परीक्षा के कठिनाई स्तर की वजह से किसी छात्र के साथ अन्याय न हो।

रैंकिंग के लिए एनटीए स्कोर-

जेईई मेन में छात्रों की रैंकिंग के लिए एनटीए स्कोर का सहारा लिया जाएगा। एनटीए स्कोर सभी चरणों में आयोजित परीक्षा के पर्सेंटाइल स्कोर को जोड़कर निकाला जाएगा। पहले सभी सेशन का अलग-अलग पर्सेंटाइल स्कोर निकाला जाएगा। फिर उन पर्सेंटाइल स्कोर को एक साथ मिलाकर ओवरऑल मेरिट और रैंकिंग तैयार की जाएंगी। अगर दो या उससे ज्यादा कैंडिडेट्स का बराबर पर्सेंटाइल हुआ तो जिस कैंडिडेट का मैथ, फीजिक्स, केमिस्ट्री में ज्यादा पर्सेंटाइल होगा, उसका पर्सेंटाइल ज्यादा माना जाएगा।

उम्र के हिसाब से भी तय होगा पर्सेंटाइल-

अगर किसी छात्र का पर्सेंटाइल मैथ्स, फिजिक्स और कैमिस्ट्री के पर्सेंटाइल के बराबर होता है तो जिस भी कैंडिडेट की उम्र ज्यादा होगी तो उसका पर्सेंटाइल ज्यादा माना जाएगा। फिर भी अगर पर्सेंटाइल अगर टाई रहा तो जॉइंट पर्सेंटाइल दिए जाएंगे।

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