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Tuesday, September 18th, 2018 11:21 PM
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शादी करने जा रही हैं ओडिशा की पहली ट्रांसजेंडर अफसर “एश्वर्या”, जानिए कौन हैं ये…




शादी करने जा रही हैं ओडिशा की पहली ट्रांसजेंडर अफसर “एश्वर्या”, जानिए कौन हैं ये…Social



सुप्रीम कोर्ट द्वारा धारा 377 के तहत समलैंगिक संबंध को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है। इस फैसले के बाद उन लोगों को राहत मिली है, जो अब तक अपने पाटनर्स के साथ अपराधियों की तरह रह रहे थे। सुप्रीम कोर्ट का ये अहम फैसला आने के बाद अब ओडिशा की पहली ट्रांसजेंडर अफसर एश्वर्या रितुपर्णा प्रधान शादी करने जा रही हैं, वो भी अपने लिव इन पाटर्नर के साथ। 34 साल की एश्वर्या ओडिशा फाइनेंस सर्विस में अधिकारी हैं। वह उस समय चर्चा में आईं थीं जब वह ओडिशा की पहली ट्रांसजेंडर अधिकारी बनी थीं।

गोद लेना चाहती हैं बच्चा-

एश्वर्या का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद वह खुद को आजाद महसूस कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वे पिछले दो साल से अपने पार्टनर के साथ लिव इन में रह रही हैं और जल्द शादी करने जा रही हैं। उनका कहना है कि अगर कोर्ट इजाजत दे तो वह एक बच्चा भी गोद लेना चाहेंगी।

2014 में खुद को पुरूष से दिखाया थर्ड जेंडर…

2014 में जब सुप्रीम कोर्ट ने थर्ड जेंडर को समाज में बकायदा पहचान दी थी, तब उन्होंने अपने आप को पुरूष से न केवल खुद को थर्ड जेंडर के रूप में दिखाया बल्कि कोर्ट में उनके जेंडर को मेल से फीमेल में चेंज करने के लिए एफिडेविट भी भरा था।

जानिए कौन हैं एश्वर्या-

एश्वर्या का जन्म ओडिशा के कंधमाल जिले के कनाबागरी गांव में हुआ था। उनका नाम रितिकांत प्रधान था। एश्वर्या ने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन से पोस्ट ग्रेजुएशन और आईआईएमसी से इंग्लिश जर्नलिज्म की पढ़ाई की है। एश्वर्या को अपनी सच्चाई तब मालूम पड़ी, जब वे 6वीं कक्षा में थीं। 2014 में कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने पुरूष वस्त्र छोड़कर साड़ी पहनना शुरू कर दी थी।

साथियों ने किया था यौन उत्पीडऩ-

अपने बचपन के बारे में बताते हुए एश्वर्या ने बताया कि जब उन्हें सच्चाई का पता चला तो उन्हें कई बार अपने टीचर्स और साथियों द्वारा अपमानित होना पड़ा। सभी उनका मजाक उड़ाते थे। कॉलेज में भी उनकी लाइफ इतनी आसान नहीं थी। वहां भी हॉस्टल में रूममेट्स द्वारा यौन उत्पीडऩ का शिकार होना पड़ा था। वे कहती हैं कि अब राज्य नागरिक सेवाओं में अपनी पहचान बनाने के बाद चीजें काफी आसान हो गई हैं। लोग मुझे मेरे नए नाम से पुकारते हैं और हां अब वे मुझे सर नहीं बल्कि सम्मान के साथ मैडल करके बुलाते हैं।

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