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Friday, December 15th, 2017 09:11 PM
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भारत में हर 5 में से 1 पत्नी का होता है “मैरिटल रेप”




भारत में हर 5 में से 1 पत्नी का होता है “मैरिटल रेप”Social

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आज सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक बलात्कार को लेकर एक बड़ा फैसला सुना दिया है। जिसमें पत्नी अगर नाबालिग हो, तो पुरूष उसे यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। इसे रेप का नाम दिया जाएगा। सच तो ये है कि भारत में वैवाहिक बलात्कार एक ऐसा बड़ा मुद्दा है जिसे घर की चार दीवारी में ही बंद कर दिया जाता है। इसके खिलाफ न तो नाबालिग लड़की कोई कदम उठा पाती है और न ही समाज इसके लिए कुछ करता है। यही वजह है कि भारत में वैवाहिक बलात्कार के मामले हर साल बढ़ रहे हैं।

इंटरनेशनल सेंटर फॉर रिसर्च ऑन वुमन के अनुसार भारत में हर पांच में से एक पुरूष अपनी पत्नी को यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर करता है। साथ ही भारत में हर तीन में से एक महिला को पति द्वारा यौन संबंध न बनाने पर पीटा जाता है। संयुक्त राष्ट्र महिला 2011 की रिपोर्ट के अनुसार 179 देशों में से 52 ने अपने विधेयक को वैवाहिक बलात्कार को को अपराध का नाम दिया है।

क्या होता है महिलाओं को नुकसान-
– मैरिटल रेप होने से 16 प्रतिशत महिलाएं कभी भी हेल्दी बेबी को जन्म नहीं दे सकती।
– दो गुना ज्यादा महिलाएं को अबॉर्शन तक कराना पड़ जाता है।
– करीब 40 प्रतिशत महिलाएं इस हादसे के बाद डिप्रेशन का शिकार हो जाती हैं।
– करीब 18 प्रतिशत महिलाएं एचआईवी से पीडि़त हो जाती हैं।

भारत को सीखना चाहिए इन देशों से

मैरिटल रेप के मामले में भारत को दुनिया के कुछ ऐसे देशों से सीख लेनी चाहिए जहां इस गंदे काम को करने पर बैन लगा दिया गया है और अगर कभी किसी ने ऐसा किया भी तो उसे सख्त सजा सुनाई जाती है

पॉलैंड- दुनिया में पॉलैंड एक ऐसा पहला देश है, जिसने वैवाहिक बलात्कार को रोकने के लिए 1932 में ही कानून बना दिया था। अब वहां स्थित पहले से बेहतर है।

ऑस्ट्रेलिया- 70 के दशक में नारीवादी की लहर ऑस्ट्रेलिया में बही, जिससे प्रभावित होकर ऑस्ट्रेलिया ने 1976 में मैरिटल रेप को अपराध की श्रेणी में रखा था।

अमेरिका- अमेरिका में 1970-1993 के बीच , सभी 50 राज्यों ने मैरिटल रेप को अपराध करार दिया।

साउथ अफ्रीका- 1980 का दशक ऐसा रहा , जब साउथ अफ्रीका से लेकर आयरलैंड, कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका, न्यूजीलैंड, मलेशिया, घाना और इजराइल ने मैरिटल रेप पर रोक लगाने के लिए कानून बनाया।

नेपाल- वहीं नेपाल ने मैरिटल रेप के प्रति कदम 2002 में उठाया। अब वहां लोगों को इस अपवाद से छुटकारा मिल गया है। भूटान में मैरिटल रेप करने वाले आरोपी को एक साल या तीन साल तक की जेल हो सकती है।

ब्रिटेन- 1991 में ब्रिटेन में मैरिटल रेप को क्राइम की श्रेणी में रखा गया। 2003 में एक कानून बनाया गया, जिसके तहत आरोपी को 5 साल की जेल की सजा सुनाई जाती है।

 

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