page level


Saturday, August 18th, 2018 01:38 PM
Flash

World Environment Day : इस महिला ने प्लास्टिक को किया “बीट”, करियर छोड़ शुरू किया ये अनोखा बिजनेस




World Environment Day : इस महिला ने प्लास्टिक को किया “बीट”, करियर छोड़ शुरू किया ये अनोखा बिजनेसSocial



आज पूरे दुनिया में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन की शुरूआत संयुक्त राष्ट्र ने 5 जून 1973 को की थी। इस साल 44 वां विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है। बता दें कि इस साल पर्यावरण दिवस की थीम बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन रखी गई है। यानि दुनिया में बढ़ रहे प्लास्टिक पॉल्यूशन को कैसे खत्म किया जाए।

यूं तो दुनिया में ऐसे कई संंगठन है जो पर्यावरण को प्लास्टिक से निजात दिलाने की दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने की जंग में शामिल होने के लिए अपने करियर को दांव पर लगा दिया और इस काम में जुट गईं।

ये महिला है दिल्ली की रहने वाली रिया सिंघल। रिया मात्र 27 साल की थीं, जब उन्होंने प्लास्टिक के खिलाफ जंग लडऩे के लिए अपना करियर छोड़ दिया था। औषध विज्ञान की डिग्री और एक बड़ी दवाई कंपनी के लिए मार्केटिंग में अपने काम के अनुभव के साथ, सिंघल ने 2009 में अपना खुद का व्यवसाय इकोवेयर (Ecoware) शुरू किया।

बता दें कि पानी की बोतलें, स्ट्रॉ, पॉलीस्टीरीन की प्लेटें जैसे एक बार उपयोग में आने वाले प्लास्टिक के उत्पाद हमारे आधुनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। शोधकर्ताओं के अनुमान के मुताबिक, प्रतिवर्ष 30 करोड़ टन प्लास्टिक का उत्पादन किया जाता है, जिसमें से आधे का केवल एक बार ही उपयोग होता है।

पौधों के जैव ईधन से बनते हैं टेबलवेयर –

यह कंपनी प्लेट, कप, कटोरे, ट्रे, छुरी-चम्मचें और अन्य उत्पाद बनाती है। इन सभी को पौधों के जैव ईंधन से बनाया जाता है और ये सभी 100 प्रतिशत प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले (बायोडिग्रेडेबल) होते हैं। एक दशक के भीतर ही, इकोवेयर देश में टेबलवेयर की आपूर्ति करने वाली सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। रिया कहती हैं कि उनका लक्ष्य प्राकृतिक पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के साथ ही साथ मानव स्वास्थ्य की रक्षा करना है।

मात्र 90 दिन में मिट्टी में मिल जाते हैं ये टेबलवेयर-

रिया के इन टेबलवेयर की खास बात है कि ये 90 दिन में ही मिट्टी में मिल जाते हैं। ये डिस्पोजल किसी भी तरह अपने पीछे कचरा नहीं छोड़ती, इसलिए इनसे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होता। ये टेबलवेयर काफी मजबूत होते हैं। ये -20 डिग्री से लेकर 180 डिग्री तक के तापमान को सहन कर सकते हैं, जिसका मतलब है कि ये फ़्रीज़िंग के लिए उपयुक्त हैं और माइक्रोवेव में भी सुरक्षित रहते हैं।

फाइव स्टार होटलों से लेकर रेलवे है रिया की ग्राहक-

इकोवेयर एक बड़े पैमाने पर बदलाव ला रहा है। वर्तमान में, मुख्य रेस्टोरेंट और कई पांच सितारा होटलों के अलावा भारत की राष्ट्रीय रेलवे प्रणाली भी सिंघल के ग्राहकों में शामिल हैं। उनके उत्पादों की कीमतें प्लास्टिक उत्पादों की तुलना में केवल 15 प्रतिशत ज्यादा हैं। रिया कहती हैं कि आज प्रदूषण को बचाने वाले विकल्पों की मांग बढ़ी है। लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना भी एक बड़ी चुनौती है, लेकिन अब इस दिशा में बदलाव दिख रहा है।

यह भी पढ़ें

जानिए- पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन दिल्ली की किस शहर से तुलना कर रहें हैं

पर्यावरण को स्वस्थ और सुरक्षित बनाएंगे ये अहम फैसले

दुनिया की तरक्की दे रही पर्यावरण को चुनौती

पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती भारतीय परम्पराएं

 

Sponsored