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Thursday, September 20th, 2018 12:03 PM
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जिम्बॉब्बे में इतिहास रच रही भारत की बेटी




जिम्बॉब्बे में इतिहास रच रही भारत की बेटी



मुरादाबाद का पीतल पूरी दुनिया में कारीगरों के हुनर से अपनी चमक को बिखेरता आया है, समय के साथ में यहां की खेल प्रतिभाओं ने भी पूरे देश में यहां का नाम रोशन किय हैं। दुनिया में अपना जलवा बिखेरा हैं। मोहम्मद शमी से लेकर पीयूष चावला तक और उभरते शिवा सिंह से लेकर आर्यन जुयाल तक ये सभी सितारे इसी शहर की जमीन से निकल कर अंतराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुके हैं। इस सूची में अब रिया पारेख का नाम भी शामिल है जो आज मेहनत के दम पर अंतराष्ट्रीय को रिप्रजेंट कर रही है।

जिम्बाब्वे के लिए जीते कई मेडल

इसी कड़ी में अगला नाम दर्ज हुआ है रिया पारिख का। अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे में अपने हुनर का लोहा मनवा रही रिया पारिख तीरंदाजी के खेल में नाम कमा रही हैं। साउथ अफ्रीका में आयोजित हुई प्रतियोगिता में रिया ने जिम्बाब्वे के लिए एक गोल्डए एक सिल्वर और एक कांस्य पदक जीताए जिसके बाद उन्हें अफ्रीकी महाद्वीप की सोलह सदस्यीय टीम में चुना गया है।

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अफ्रीकी की टीम में चुना गया

कुछ दिन पूर्व दक्षिण अफ्रीका में हुई अफ्रीकी देशों की प्रतियोगिता में रिया ने जिम्बाब्वे का प्रतिनिधित्व किया और एक गोल्ड के साथ कुल तीन मेडल जीते। रिया के हरफनमौला खेल को देखकर उन्हें अफ्रीकी देशों की सोलह सदस्यीय टीम में चुना गया हैए जो अब अन्तराष्ट्रीय मुकाबलों में शिरकत करेंगी। इस टीम में अलग.अलग देशों के सोलह खिलाड़ियों को शामिल किया गया है जो व्यक्तिगत और टीम इवेंट में प्रतियोगिताओं में शिरकत करेंगे।

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चाय कम्पनी में जीएम हैं रिया के पिता

रिया पारिख के पिता प्रताप पारिख जिम्बाब्वे के हरारे शहर से चार सौ किलोमीटर दूर यूके बेस्ड होंडी वैली चाय कम्पनी में जीएम के पद पर तैनात है। जिम्बाब्वे स्थित एक स्कूल से शुरुआती शिक्षा ग्रहण करने वाली रिया पारिख को बचपन में फिशिंग का शौक थाए लेकिन स्कूल में तीरंदाजी प्रतियोगिता को देखकर उन्होंने इस खेल में हाथ आजमाना शुरू कर दिया।

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रिया की सफलता के पीछे माता.पिता का संघर्ष

रिया के परिजन उसकी सफलता से खासे उत्साहित है। मुरादाबाद के लाजपतनगर में रहने वाले रिया के नाना गणेश दत्त मुदगिल का कहना है की रिया की सफलता के पीछे उनके माता.पिता का संघर्ष है जिन्होंने अपनी लाडली के सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की है। रिया के नाना को उम्मीद हैं कि आने वाले समय मे रिया अन्तराष्ट्रीय पटल पर बेहतरीन प्रदर्शन कर अपना नाम रोशन करेगी और अपने माता.पिता के साथ ही अपने शहर और देश को भी गौरवान्वित होने का मौका देगी।

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