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Thursday, December 14th, 2017 06:31 PM
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बांग्लादेश में रोहिंग्या कर रहे थे नशीली गोलियों की सप्लाई, 8 लाख गोलियों के साथ पकड़ाएं




बांग्लादेश में रोहिंग्या कर रहे थे नशीली गोलियों की सप्लाई, 8 लाख गोलियों के साथ पकड़ाएंSocialWorld

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इस समय बांग्लादेश म्यांमार से आ रही नशीली दवाओं से जूझ रहा है, क्योंकि आन-दिन है तस्करी के मामलें यहां देखने को मिल रहे है. खास बात तो यह है कि ज्यादातर तस्करी नाफ नदी के रास्ते से होती है.  इस इलाके पर नजर रखना कठिन होता है. इतना ही नहीं ऐसा ही एक मामला फिर बांग्लादेश में देखनें को मिला है.

दरअसल हांल ही में बांग्लादेश पुलिस ने 3 रोहिंग्या मुसलमानों और एक बांग्लादेशी नागरिक को तस्करी के आरोप में अरेस्ट किया है. बता दें  कि इन तस्करों के पास से 8 लाख नशीली याबा टेबलेट्स (मेथम्फेटामाइन) मिली है. यह तस्करी उस वक्त हो रही है जब बांग्लादेश म्यांमार से आ रहे रोहिंग्या मुसलमानों की समस्या से परेशान है. चौकानें वाली बात तो यह है कि 25 अगस्त से अब तक बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में करीब 5 लाख से ज्यादा रोहिंग्या आ चुके हैं.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने नाफ नदी से 3 रोहिंग्या समेत 4 को अरेस्ट किया. इनमे से 3 रोहिंग्या मुसलमान और एक बांग्लादेश का नागरिक हैं. ये लोग नाव के जरिए म्यांमार से ये नशीली दवाएं ला रहे थे.

कौन हैं रोहिंग्या

-आपको जानकर हैरानी होगी कि रोहिंग्या म्यांमार में 12वीं सदी से रहते आ रहे मुस्लिम हैं. इस बात कि पुष्टि इतिहासकारों ने भी की है. इतना ही नहीं अराकान रोहिंग्या नेशनल ऑर्गनाइजेशन ने कहा, “रोहिंग्या हमेशा अराकान में रहते आए हैं.

– ह्यूमन राइट वाच के मुताबिक, 1824-1948 तक ब्रिटिश रूल के दौरान भारत और बांग्लादेश से प्रवासी मजदूर म्यांमार में गए, क्योंकि ब्रिटिश एडमिनिस्ट्रेटर्स के मुताबिक म्यांमार भारत का हिस्सा था इसलिए ये प्रवासी देश के ही माने जाएंगे.

 

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