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Friday, August 17th, 2018 01:17 AM
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छोटी उम्र में अपने नाम दर्ज किया ये अनूठा रिकॉर्ड, दुनिया को पेश की महिलाओं की ताकत




छोटी उम्र में अपने नाम दर्ज किया ये अनूठा रिकॉर्ड, दुनिया को पेश की महिलाओं की ताकत



हौंसले बुलंद हो और जुनून सर पर चढ़ा हो तो कोई लक्ष्य छोटा नहीं होता हैं। यह भले ही शायद पढ़ने में ऐसा लग रहा हो कि बोलना आसान है पर प्रैक्टिकल चीज अलग है तो ऐसा नहीं है आज हमारे सामने इस बात का जीता जागता उदाहरण है जो छोटे से शहर में जन्मी है लेकिन आज उस शहर का नाम बड़ा कर दिया हैं। हम बात कर रहे है हरियाणा के हीसार के रहने वाली 16 साल की लड़की शिवांगी पाठक की। जिन्होंने आज अपने नाम एक अनूठा इतिहास रचा हैं।

सबसे कम उम्र की सूची में शामिल शिवांगी

शिवांगी दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह करके इतिहास रचने वाली सबसे कम उम्र की महिलाओं की सूची में शामिल हो गईं। मात्र 16 वर्ष की आयु में शिवांगी पाठक ने अपने नाम इस उपलब्धी को किया।

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अरूणिमा सिन्हा है शिवांगी की प्रेरणा

शिवांगी ने यह कारनामा ‘सेवन समिट ट्रेक’ में हिस्सा लेने के दौरान किया। वह एवरेस्ट पर चढ़कर दुनिया को यह दिखाना चाहती थीं कि महिलाएं किसी भी लक्ष्य को पा सकने में सक्षम हैं। शिवांगी ने दिव्यांग पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा को अपनी प्रेरणा बताया। अरुणिमा सिन्हा माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने वाली विश्व की पहली दिव्यांग पर्वतारोही हैं।

29,000 की ऊंचाई पर जाकर शिवांगी बहुत खुश हैं

29,000 की ऊचाई एवरेस्ट पर फतह फेरा कर शिवांगी बहुत खुश हैं, उन्होंने विश्व की पहली दिव्यांग पर्वतारोही बनी अरूणिमा सिन्हा को अपनी प्रेरणा बताया है। शिवांगी हमेशा से माउंट एवरेस्ट की सफल चढ़ाई का सपना देखा करती थी। एक इंटरव्यू के दौरान शिवांगी ने कहा था वह इस सुंदर ग्रह के हर पर्वत पर चढ़ना चाहती हैं।

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शिवांगी से पहले 14 मई को यह लेडी तीसरी महिला बनी अरुणाचल प्रदेश की

शिवांगी से पहले अरुणाचल प्रदेश की मुरी लिंग्गी ने एवरेस्ट को फतह किया। 40 साल की लिंग्गी चार बेटियों की मां हैं। उन्होंने 14 मई को सुबह 8 बजे दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह किया। वह तिन मेना और अंशु जामसेनपा के बाद एवरेस्ट फतह करने वाली अरुणाचल प्रदेश की तीसरी महिला हैं। लिंग्गी ने 2013 में पश्चिम कमेंग जिले में राष्ट्रीय पर्वतारोहण और संबंधित खेल संस्थान से पर्वतारोहण का कोर्स किया था। इससे पहले वह हिमाचल प्रदेश की मेंथोसा चोटी और 2017 में अरुणाचल की गोरीचेन चोटी फतह कर चुकी हैं। उनकी प्रेरणा तिन मेना अरूणाचल प्रदेश की वह पहली महिला थी जिन्होंने 2011 में माउंट एवरेस्ट फतह की थी।

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