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Monday, September 24th, 2018 06:25 PM
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यदि आपको भी आता है अधिक पसीना तो हो सकते है इस तरह के इन्फेक्शन




Health & Food



पसीना आना एक ऐसी प्रक्रिया है जो ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम के नियंत्रण में रहती है। पसीना आन शरीर के तापमान को नियंत्रण में रखने के लिए एक प्रकार की रक्षात्मक प्रणाली है। यह शरीर के तापमान को नियंत्रित बनाए रखने में भी मदद करता है। किसी भी वजह से शरीर के बहुत ज्यादा गर्म होने की स्थिति में पसीना आना स्वाभाविक है लेकिन बहुत ज्यादा पसीना आना जो आवश्यकता से अधिक हो उसे हाइपरहाइड्रॉसिस कहा जाता है और वह वाकई कष्टप्रद है।

यह सभी उम्र के लोगो और महिला-पुरुष दोनों को प्रभावित करता है। भले ही यह सामान्य समस्या हो लेकिन लोग अब भी इस स्थिति के बारे में बात करने में हिचकिचाते है और इसके लिए उचित रूप से मेडिकल सहायता नही लेते है।

अधिक पसीना आने का कारण यह हो सकता है:-

1) ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम डिसॉर्डर

2) डायबिटीज मेलिटस

3) हाइपरथायरॉइडिज्म

4) मलेरिया और टीबी जैसे संक्रमण

5) पेरिफेरल नर्वस डिसॉर्डर

6) ह्रदय रोग

फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन की आशंका बढ़ जाती है

बहुत ज्यादा पसीना आना दैनिक जीवन की विभिन्न गतिविधियाँ करते हुए ढेर सारी परेशानी पैदा करता है। इससे फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन की आशंका बढ़ जाती है। इस स्थिति से निजात ना मिल पाने की वजह से निराशा, आत्मविश्वास की कमी, अवसाद पैदा हो सकता है।

इस तरह की परेशानी से बचने के लिए यह टेस्ट जरूरी होते है:-

हाइपरहाइड्रॉसिस के बारे में पता थर्मेरेगुलेटरी स्वेट टेस्ट से किया जाता है। इसमें शरीर को गर्मी में रखा जाता है और गर्मी की प्रतिक्रिया में आने वाली पसीने की मात्रा का आकलन किया जाता है। इससे इस स्थिति के बारे में गंभीर रूप से जानकारी मिलती है। वैसे इसके कुछ बदलाव जरूरी है जैसे:-

1) कांख को ढंककर रखना चाहिए।

2) ढीले सूती कपडे पहनना चाहिए।

3) जूते नाइलोन की तुलना में लेदर का प्रयोग करना बेहतर है।

4) मोज़े एवं अन्य सामग्री की तुलना में कॉटन को प्राथमिकता दें चाहिए।

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