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Sunday, December 17th, 2017 03:06 PM
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वड़ा पाव बेचकर करोड़ों का बिज़नस कर रहे दो दोस्त




वड़ा पाव बेचकर करोड़ों का बिज़नस कर रहे दो दोस्तBusiness

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व्यक्ति का हुनर और उसके द्वारा कुछ कर गुजरने का जज्बा उसकी सफलता की सीढ़ी बनता हैं। जी हाँ! आज हम ऐसे दो व्यक्तियों के बारे में आपको बताएँगे जिन्होंने अपनी मंजिल खुद बनाई हैं और साथ ही इस कहावत को भी सिद्ध किया हैं कि, ‘जहाँ चाह हैं वहाँ राह हैं।’ वैसे नौकरी पेशा व्यक्ति हो या कोई व्यापारी हो, सभी के जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं लेकिन 2009 में वैश्विक मंदी को लेकर दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को काफी फर्क पड़ा था। इसी मंदी के चलते लंदन में काम करने वाले मुंबई के दो लड़कों को भी अपनी नौकरी छोड़ना पड़ी थी। इसके बाद उन्होंने वडा पाव बेचना शुरू किया और अपनी मेहनत के चलते आज सालाना का करीब 4.39  करोड़ रूपये का टर्न ओवर हैं।

दरअसल, यह घटना सात साल पुरानी हैं जब सुजय सोहानी लंदन के एक फाइव स्टार होटल में फ़ूड एंड बेवरेज मैनेजर थे लेकिन मंदी के चलते उस वक़्त कई कंपनियों के साथ-साथ होटल भी बंद हो गए थे। यहीं कारण था कि, उन्हें अपनी नौकरी छोड़ना पड़ी थी। आपको बता दें, उस वक़्त सुजय के पास कोई दूसरी नौकरी नहीं थी और ना ही पैसे थे। जब यहीं बात उन्होंने अपने दोस्त सुबोध जोशी से कहीं और कहा कि, मेरे पास वडा पाव खाने तक के पैसे नहीं हैं। इसी बात-चीत के दौरान दोनों को यह आईडिया मिला कि, हमे लंदन में ही वडा पाव बेचना शुरू करना चाहिए।

किसी बिजनेस को शुरू करने के लिए केवल आईडिया आना ही काफी नहीं हैं। बिजनेस के लिए जरूरी हैं कि, आपको उस बिजनेस को करने की पूरी जानकारी हो और साथ ही एक प्रॉपर मैनेजमेंट भी हो। वैसे सुजय और सुबोध के पास बिजनेस को लेकर जानकारी तो थी लेकिन जगह नही थी। काफी भागदौड़ और लाख कोशिशों के बाद एक आईस्‍क्रीम कैफे ने दोनों दोस्तों को 35 हज़ार रूपये माह के किराये के साथ जगह दे दी। दोनों दोस्तों के पास जगह तो थी और साथ ही बिजनेस को लेकर भी काफी क्लियर थे जैसे- 1 पाउंड मतलब 80 रूपये का वडा पाव और 1.50 पाउंड मतलब 150 रूपये में दबेली को बेचने लगे लेकिन प्रॉफिट नहीं हो पा रहा था। इसके बाद उन्होंने लंदन में इसे इंडियन बर्गर बताकर बेचा और लोगो के पास जाकर उन्हें टेस्ट भी कराया।

धीरे-धीरे बिजनेस बढ़ रहा था और एक पंजाबी रेस्टोरेंट ने भी उन्हें ऑफर किया। ऑफर अच्छा था इसलिए दोनों ने हाँ कर दिया और आज श्री कृष्ण वडा पाव स्टॉल नहीं बल्कि रेस्टोरेंट बन चुका हैं। आपको बता दें, सुजय और सुबोध के रेस्टोरेंट की तीन-तीन ब्रांच हैं जिसमे 35 लोग काम करते हैं। वैसे आज उनके रेस्टोरेंट में वडा पाव के अलावा 60 तरह के इंडियन स्ट्रीट फ़ूड भी मिलते हैं।

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