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Sunday, December 17th, 2017 04:17 AM
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2 रूपये के सिक्के से ट्रेन को रोक कर चोरी करते थे, ये बदमाश




2 रूपये के सिक्के से ट्रेन को रोक कर चोरी करते थे, ये बदमाशSocial

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चोरी और लूटपाट की खबर सभी व्यक्तियों के लिए एक आम बात हैं लेकिन हाँ! लूटपाट की तरकीब सभी की अलग-अलग होती हैं। कुछ इसी से जुडी एक खबर आज हम आपको बताएँगे जो आपने शायद ही कभी सुनी या पढ़ी होगी। आपने आज तक यह सुना होगा कि घर में चोरी हो गई हैं या सफ़र के दौरान चोरी हो गई हैं लेकिन आज आप पढ़ेगे कि, 2 रूपये के सिक्के से चोरी होती कैसे हैं। जी हाँ! सूरजपुर और रेलवे पुलिस ने संयुक्त अभियान के तहत ट्रेन में लूट करने वाले गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया हैं। इस दौरान पुलिस पूछताछ के वक़्त बदमाशों ने बताया कि उनके पास ट्रेन रोकने का एक यूनिक तरीका हैं।

बदमाश बताते हैं कि वें ट्रेन की पटरी के बीच दो रुपये का सिक्का डाल कर अर्थिंग के जरिए हरे सिग्नल को लाल कर देते थे और ट्रेन चालक खतरा समझ कर ट्रेन को रोक देता था। इसी दौरान हम ट्रेन में दाखिल हो जाते थे और सवारियों के साथ लूटपाट करते थे।

ऐसे करते थे सिग्नल को लाल

पुलिस ने बताया जब कोई ट्रेन पटरी से गुजरती हैं तब कुछ देर के लिए पटरी के जोड़ के बीच थोड़ी सी जगह बन जाती हैं क्योंकि इसमें रबड़ आ जाती हैं। इन कुछ सेकंड के बीच में ही बदमाश पटरी के बीच में दो रुपये का सिक्का डाल देते थे। आपको बता दें, सिक्का डालते ही रबड़ बीच से हट जाती थी। दोनों पटरियों को करंट का अर्थ नहीं मिलता है और अर्थ न मिलने की वजह से सिग्नल ग्रीन के बजाय लाल हो जाता था।

कुछ क्षण और चोरी

सिग्नल के हरे से लाल होने पर ट्रेन रुकती थी। ध्यान रहें, विशेषज्ञ द्वारा सिग्नल को फिर से हरा करने में तीन से पांच मिनट का समय लगता हैं और बदमाशों के पास मात्र तीन से पाँच मिनट का समय ही लूटपाट के लिए रहता था। बदमाश कम समय में ही लूट कर मौके से फरार हो जाते थे। वैसे बदमाश 2 रूपये के सिक्के को लकी मानते थे और यहीं कारण था कि, बदमाशों के पास से सात लकी सिक्के भी बरामद किए गए हैं।

बदमाशों की यह होती थी भूमिका

बताया गया हैं कि, दो रुपये का सिक्का लगाने के बाद एक बदमाश पटरी से दूर हो जाता था और अन्य बदमाश दो किलोमीटर दूर खड़े रहते थे। जिससे कि सिग्नल ग्रीन से लाल होने पर ट्रेन रूके और बदमाश उसमें दाखिल होकर लूटपाट कर सके। आपको बता दें, गिरोह के एक बदमाश की भूमिका लूट के सामान को बेचने की होती थी। गिरोह के तीन बदमाश लोकेश, मोनू और राजू को बीते दिनों रामपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

इस घटना को लेकर सीओ प्रथम अमित किशोर श्रीवास्तव बताते हैं कि, बदमाश लगातार दिल्ली-हावड़ा रूट व मुरादाबाद रूट पर ट्रेनों में घुसकर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। दादरी-अलीगढ़ रूट बदमाशों का साफ्ट टारगेट था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने इन रूट पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। फुटेज की मदद से एक बदमाश की पहचान की गई। हर बार की तरह सोमवार रात भी सभी बदमाश तिलपता कंटेनर डिपो के समीप एकत्र हुए थे और दादरी-अलीगढ़ रूट पर ट्रेन में यात्रियों से लूट की योजना थी।

बदमाशों की लोकेशन के आधार पर तिलपता के समीप से दो बदमाशों को गिरफ्तार किया गया लेकिन इसी बीच दो बदमाश मौके से भाग निकले। पकड़े गए बदमाशों की पहचान बुलंदशहर के रहने वाले राजन व दिनेश के रूप में हुई हैं। बदमाशों के पास से तमंचा, दो रुपये का सिक्का पुलिस ने बरामद किया हैं। वैसे पुलिस का कहना हैं कि सभी बदमाश एक ही गांव के रहने वाले हैं।

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