page level


Tuesday, September 18th, 2018 07:43 PM
Flash

गरीबी को पछाड़ सेना में लेफ्टिनेंट बना, गांव का लड़का




गरीबी को पछाड़ सेना में लेफ्टिनेंट बना, गांव का लड़का



राजेश कुमार, पानीपत. हरियाणा राज्य के नूंह जिले के गांव संगेल के छोरे ने गरीबी को पछाड़ कर कड़ी मेहनत से सेना में लेफ्टिनेंट का पद पाया है। जितेंद्र की इस कामयाबी से पूरे गांव में जशन का माहौल है। संगेल गांव के इस लाल के पिता और दो भाई भी सेना में तैनात हैं। घर से मिली देश के लिये जान न्योछावर करने की प्ररेणा ने भी जितेंद्र को सेना में अधिकारी बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

जितेंद्र ने जिले के प्रजापति समाज में पहला लेफ्टिनेंट बनने का भी रिकॉर्ड बनाया है। इससे गांव और समाज में खुशी है। पास आउट परेड के बाद जितेंद्र की नियुक्ति 31 मीडियम रेजीमेंट में हुई है। जितेंद्र सिंह के पिता लक्ष्मण सिंह भी सेना में सूबेदार मेजर हैं तथा दो भाई जीवन लाल और बाबू लाल भी सेना में रहते हुए सरहदों की हिफाजत कर रहे हैं।

घर में प्रारंभ से ही अच्छा माहौल मिलने के कारण जितेंद्र ने स्वयं को सेना के लिए तैयार किया। जितेंद्र का चयन मई 2016 में कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज से हुआ तथा उसके बाद भारतीय सेना के देहरादून अकेडमी में जितेंद्र की एक साल की ट्रेनिंग हुई। ट्रेनिंग पूरी कर गत 9 दिसंबर को उनकी पासआउट परेड हुई।

उजीना के निजी स्कूल से पढाई कर लेफ्टिनेंट बने जितेंद्र ने बचपन के सपने को साकार कर दिखाया है। आगामी 23 दिसंबर को घर लौटने पर जितेंद्र के स्वागत की तैयारी चल रही है। गांव में इस उपलब्धि पर मिठाइयां बांटी जा रही हैं। पति व तीन बेटों के सेना में भर्ती होने से कैलाशो देवी बेहद उत्साहित हैं। संगेल गांव से वैसे तो सैकड़ों जवान भर्ती हैं लेकिन पहली बार लेफ्टिनेंट के मुकाम तक पहुंचे इस युवा की वजह से अब अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी।

Sponsored






You may also like

No Related News