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15/01/2018

वेस्ट मैनेजमेंट से करियर बनाएं उज्जवल




Education & Career

Waste Management

वेस्ट मैनेजमेंट बहुत बड़ा मुद्दा बन गया है, इसे लेकर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, पर सवाल यह है, कि कितने लोग इससे परिचित हैं। कोई भी मैनेजमेंट तभी सक्सेसफुल होता है, जब उसके बारे में लोगों को अधिक से अधिक जानकारी हो। इस क्षेत्र में सफलता तभी मिलेगी जब यूथ इसे अपने करियर में शामिल करेगा। वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर भारत में कोई खास एजुकेशनल संस्थान तो नहीं हैं पर कुछ कॉलेज हैं जहां इससे जुड़े डिप्लोमा कोर्स करवाएं जाते हैं। यूथ हर नए क्षेत्र में कदम बढ़ा रहा है, ऐसे में यह नया विषय करियर बनाने के लिए अच्छा विकल्प हैं। इस क्षेत्र में करियर बनाने वालों के लिए क्या संभावनाएं और क्या टर्नओवर है, बताते हैं आपको –

क्या है वेस्ट मैनेजमेंट
विकासशील देश होने के कारण भारत में वेस्टेज की मात्रा तेजी से बढ़ जा रही है। वेस्ट को उसी अनुपात में दोबारा प्रयोग में लाए जाने की प्रक्रिया वेस्ट मैनेजमेंट है। इसमें रोजाना के कचरे से हर चीज को अलग-अलग व्यवस्थित किया जाता है, इसके बाद उसे रिसाइकिल किया जाता है। जिससे गंदगी तो हटती ही है, साथ ही वेस्ट मेटेरियल का दोबारा प्रयोग हो जाता है। हमारे देश में लगभग 80 प्रतिशत कचरा कार्बनिक उत्पादों, गंदगी और धूलकण का मिश्रण होता है। फिलहाल हमारे देश में वेस्ट को रिसाइकिल करने के लिए पर्याप्त तकनीक नहीं है, न ही इसे लेकर जागरुकता है।

वेस्ट मैनेजमेंट में स्टार्टअप
वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर फिलहाल लोगों में जागरुकता नहीं है, पर दिल्ली के 3 युवाओं ने मिलकर इसे अपने स्टार्टअप में शामिल किया। अनुराग, ऋषभ और वेंकटेश ने “रिकार्ट” नाम से अपना स्टार्टअप शुरु किया, जिसमें इन्होंने  12 हजार घरों से कचरा इकट्टठा किया और इस कचरे को रिसाइकिल करने के लिए सही स्थान तक पहुंचाया। इस बिजनेस से सलाना 10 करोड़ का टर्नओवर हुआ। बिजनेस की सफलता को देखते हुए आज उनकी टीम बड़े स्तर पर काम कर रही हैं। इस स्टार्टअप से शहर की गंदगी तो कम हुई साथ ही दूसरे युवाओं को भी इस क्षेत्र के जुड़ी संभावनाओं के बारे में पता चला।

wast manegment

इन इंस्टीट्यूट से करें कोर्स

– इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायरमेंट मैनेजमेंट, मुंबई।
– डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद।
– गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी हिसार।
– यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान, जयपुर।
– गुरु गोविन्द सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी नई दिल्ली

इन सभी इंस्टीट्यूट में पर्यावरण मुख्य विषय है, पर इसके साथ वेस्ट मैनेजमेंट के डिप्लोमा और सॉर्ट कोर्स चलाए जाते हैं।

संभावनाओं से भरा क्षेत्र
बढ़ती जनसंख्या के साथ कचरे में भी वृद्धि होती जा रही है। देश विकास की राह में जितना आगे बढ़ता जा रहा है उतना ही वेस्ट भी एकत्रित होता जा रहा है। यहीं वजह है, कि इस ओर रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं। जागरुकता के स्तर पर इस क्षेत्र में फिलहाल कोई काम नहीं हो रहे हैं, पर रोजगार में वृद्धि जरुर हो रही है। हर शहर में वेस्ट मैनेजमेंट का काम शुरु हो गया है, कचरे को रिसाइकिल किया जा रहा है और ये काम करने वाले एक्सपर्ट की मासिक आय 40 से 50 हजार के बीच है। आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में युवाओं को और रोजगार मिलेंगे।

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