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15/01/2018

वर्ल्ड डायबिटीज डे – दो तरह से होती है डायबिटीज, बचने के लिए क्या करना है जरूर पढ़ें




वर्ल्ड डायबिटीज डे – दो तरह से होती है डायबिटीज, बचने के लिए क्या करना है जरूर पढ़ेंHealth & Food

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आजकल की इस भगदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित जीवनशैली के चलते जो बीमारी सबसे अधिक लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं वह है मधुमेह। यह एक ऐसी बीमारी है जो एक बार हो जाती है उसके बाद खत्म नहीं होती है। उसके लिए आपको जीवनभर परहेज करना होता है। इसी के साथ में यह खतरा भी रहता है कि आपको कई सारी ओर भी बीमारी हो सकती है जैसे किडनी और लीवर की बीमारी, पैरों में दिक्कत होना, आंखों में दिक्कत होना। पहले ऐसा भी था कि यह बीमारी 40 की उम्र या उसके बाद होती थी लेकिन अब ऐसा नहीं रहा है यह छोटे बच्चों में भी होने लगी है। जो एक बहुत बड़ा चिंता का कारण है। मधुमेह से संबंधित कुछ ख़ास बातें डॉ. भारत रावत (असोसिएट डायरेक्टर कार्डियोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल, इंदौर) द्वारा बताई गई जो आपकी इस बीमारी के बारे में गहराई से जानने में मदद करेगी।

क्या है मधुमेह ?

‘मधुमेह’ ग्लूकोस अथवा शक्कर का उपयोग किए जाने की हमारे शरीर में आई एक कमी है। ग्लूकोस हमारे शरीर के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्त्रोत होता है, जिसे रक्त प्रवाह के माध्यम से पूरे शरीर में ले जाया जाता है। आमतौर पर श्रीर के टिशूज ग्लूकोज को सोख लेते हैं। इसे पेनक्रिज़ के जरिए उत्पन्न हारमोन ‘इंसुलिन’ की मदद से ऊर्जा के रूप में उपयोग में लाया जाता है। जब शरीर में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बन रहा होता है या शरीर में उपलब्ध इंसुलिन को ठीक तरह से पर्याप्त उपयोग कर पाने में असमर्थ होता है, तो ग्लूकोस की मात्रा रक्त में बढ़ जाती है।

यह दो प्रकार की होती है

1. टाइप 1 – वंशानुगत होती है। इसके अंदर वह लोग आते है जिनके परिवार में माता – पिता या दादा – दादी को पहले से ही यह बीमारी हो तो परिवार के सदस्यों को यह बीमारी होनी की संभावना ज्यादा होती है इसमें हमेशा इंसुलेन की इंजेक्शन लेना जरूरी होता है। यह दुबले शरीर वाले युवाओं में देखने को मिलता है।

2. टाइप 2 – यह अनियमित जीवनशैली की वजह से होती है। यह मधुमेह का एक ऐसा सामान्य रूप होता है जो वयस्क व्यक्तियों में शुरूआती तौर पर होता है। 40 वर्ष से अधिक आयु होने पर इस प्रकार के मधुमेह की संभावना बढ़ती जाती है। रोगियों को दिल के दौरे, आघात, किडनी और नेत्र संबंधी रोग हेने की संभावना अधिक होती है। मधुमेह के अधिकांश रोगी टाइप 2 डायबिटीज के होते है।  इसके अलावा यदि आप शारीरिक श्रम कम करते हैं, नींद पूरी नहीं लेते, अनियमित खानपान है और ज्यादातर फास्ट फूड और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं तो मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है।

मुधमेह के लक्षण

– ज्यादा प्यास लगना
– बार-बार पेशाब का आना
– आँखों की रौशनी कम होना
– कोई भी चोट या जख्म देरी से भरना
– हाथों, पैरों और गुप्तांगों पर खुजली वाले जख्म
– बार-बर फोड़े, फुंसियां निकलना
– चक्कर आना
– चिड़चिड़ापन

मधुमेह रोगियों को निम्न बातें जो हमेशा ध्यान रखना चाहिए

– सप्ताह में एक बार रक्तचाप और रक्त शर्करा की जाँच कराएँ।
-प्रत्येक 6 माह में कम से कम एक बार ग्लाइकोसाएलेटेड हीमोग्लोबिन, आाँखों व पेशाब की जाँच करा लें।
– प्रतिदिन एक घंटे में 3 से 4 किमी तक टहलने जाएँ।
– अपनी दैनिक गतिविधयों के नियमित रूप से पूरा करें। रात को देर से भोजन या भारी भोजन से बचें। घंटो बैठकर टीवी नहीं देखें।
– मधुमेह रोगियों को अपने भोजन में करेला, मेथी, पालक, तुरई, शलगम, बैंगन, परवल, लौकी, मूली, फूलगोभी, ब्रौकोली, टमाटर, बंद गोभी और पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए।
– फलों में जामुन, नींबू, आंवला, टमाटर, पपीता, खरबूजा, कच्चा अमरूद, संतरा, मौसमी, जायफल, नाशपाती को शामिल करें। आम, केला, सेब, खजूर तथा अंगूर नहीं खाना चाहिए क्योंकि इनमें शुगर ज्यादा होता है। इसके अलावा यदि आप शारीरिक श्रम कम करते हैं, नींद पूरी नहीं लेते, अनियमित खानपान है और ज्यादातर फास्ट फूड और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं तो मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है।
-अप्रमाणिक बातों पर विश्वास ना करें – जैसे अखबार पढ़कर, इंटनेट का उपयोग करके या टी.वी. पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों का अनुसरण करके आदि। अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही उपचार करें।

अगर आपकी भी स्वास्थ्य से संबंधित कोई समस्या है तो आप counsellingyouthens@gmail.com पर अपनी समस्या लिखकर ईमेल करें। यूथेन्स न्यूज आपको विषय विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा उचित परामर्श व सलाह उपलब्ध करवाएगा।

 

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