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15/01/2018

सीएम योगी के निशाने पर आया कलेक्टर, एक फोन ने किया बंटाधार !




सीएम योगी के निशाने पर आया कलेक्टर, एक फोन ने किया बंटाधार !Politics

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उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ अपने एक्शन को लेकर काफी जाने जाते हैं। यूपी का सीएम बनते ही उन्होंने जो काम 15 दिन में कर दिए थे वो शायद ही कोई पांच साल में कर पाता। खैर सीएम योगी आए दिन नए-नए तरीकों से एक्शन लेते रहते हैं और इस बार उनका एक्शन एक कलेक्टर के खिलाफ है। कलेक्टर साहब सिर्फ एक फोन करके ही सीएम योगी आदित्यनाथ के निशाने पर आ गए हैं। आइए आपको बताते हैं कि ये क्या मामला है।

दरअसल लालू प्रसाद यादव जब से चारा घोटाले में फंसे हैं और जब से उनकी सजा की सुनवाई चल रही है तभी से उनके चाहने वाले उन्हें छुड़ाने के लिए पूरा दम-खम लगा रहे हैं। ख़बरों से मिली जानकारी के मुताबिक हर कोई अपने-अपने सोर्स का इस्तेमाल कर रहा है। इसी कश्मकश में यूपी के जालान के कलेक्टर साहब ने भी अपना सोर्स लगाया और फोन घुमाया लालू की सुनवाई कर रहे जज को।

फोन पर हुई थी ये बात

लालू यादव को बचाने के लिए उन्होंने सीबीआइ के स्पेशल जज शिवपाल सिंह को फोन किया था। इसका खुलासा खुद शिवपाल सिंह ने किया है। डीएम डा. मन्नान अख्तर कहा था, ’आप लालू का केस देख रहे हैं, जरा देख लीजिएगा।’ लालू यादव के खिलाफ फैसला सुनाने वाले जज शिवपाल सिंह उत्तर प्रदेश स्थित जालौन जिले के शेखपुर खुर्द गांव के रहने वाले हैं। गांव में कुछ लोगों ने उनकी जमीन पर कब्जा जमा लिया। विरोध करने पर उनके भाई सुरेंद्र पाल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। विरोधी जमीन पर कब्जा कर खेती कर रहे हैं। साथ ही जबरन जमीन से चक रोड निकाल दिया है।

जज ने खुद मांगा था कलेक्टर से न्याय

शिवपाल सिंह ने खुद जिला कलेक्टर से न्याय मांगा, लेकिन समस्याएं दूर नहीं हुई। छह नवंबर, 2015 को वहां के तत्कालीन एसडीएम ने जमीन को मुक्त कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद बीडीओ और ग्राम प्रधान की उपस्थिति में 1700 रपए का पत्थर लगवाया गया, इसे भी विरोधियों ने उखा़़डकर फेंक दिया। एसडीएम, तहसीलदार, सीओ और कोतवाल ने कोई कार्रवाई नहीं की तो जज ने डीएम से मदद मांगी, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। 12 दिसंबर, 2017 को डीएम और एसपी से शिकायत की तो डीएम ने कहा, ’आप झारखंड में जज हैं न, आप कानून पढ़कर आएं। उन्होंने यह भी कहा कि वे एसडीएम के आदेश को नहीं मानेंगे।’

बचाव में कलेक्टर ने दी ये सफाई

हालांकि जालौन के डीएम डा. मन्नान अख्तर ने जज से लालू यादव के पक्ष में सिफारिश करने की बात से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि मैंने कभी भी फोन पर उनसे बात नहीं की। अगर ऐसा हुआ है तो उन्हें जरूर एक बयान जारी करना चाहिए। रिपोर्टों में जिस तारीख का जिक्र किया गया है, मैं उस वक्त अपने गृह नगर में था, छुट्टी पर।

जालौन के एसडीएम ने भी किया इंकार

वहीं जालौन के एसडीएम भैरपाल सिंह ने भी अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि न तो लालू प्रसाद के मामले में मैंने कोई फोन किया और न ही ऐसी कोई टिप्पणी ही की है। मैं किसी भी सीनियर अफसर या न्यायिक अधिकारी से इस तरह की बात कर ही नहीं सकता हूं। इन बातों में कोई सच्चाई नहीं है। जज साहब, ऐसा क्यों कह रहे हैं, मैं नहीं जानता हूं।

सेवादारों के जेल पहुंचने से मचा हंगामा

आपको बता दें कि चारा घोटाले में मामले में लालू यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई है। वह रांची स्थित बिरसा मुंडा जेल में है। मगर उनसे पहले ही उनके सेवादारों के जेल पहुंचने से भी हंगामा मचा हुआ है। कहा जा रहा है कि मारपीट के फर्जी मामलों के तहत लालू यादव के दो सेवादार जेल पहुंच गए, इनमें उनका एक पुराना रसोइया भी शामिल है। इस कांड को लेकर भी लालू यादव मुश्किल में फंस सकते हैं। फिलहाल मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

Source- Jagran

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