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Friday, July 20th, 2018 10:11 AM
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चीन को टक्कर देने की योजना बना रहे बाबा रामदेव, ये है मास्टर प्लान




चीन को टक्कर देने की योजना बना रहे बाबा रामदेव, ये है मास्टर प्लानBusiness



एफएमसीजी सेक्टर में अपना सिक्का जमाने के बाद अब बाबा रामदेव का अगला मकसद चीन को टक्कर देना है। बाबा रामदेव एक ख़ास मामले में चीन को टक्कर देने वाले हैं। हालांकि बाबा रामदेव ने ऐसा कहा तो नहीं है लेकिन वो जो करने वाले हैं वो कदम चीन को टक्कर देने के लिए काफी है। आइए आपको बताते हैं बाबा रामदेव और पतंजलि क्या नया धमाका करने वाले हैं।

पतंजलि अब इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेजी से घुसपैठ करने की योजना बना रही है। कंपनी की नज़र सोलर पॉवर से चलने वाले उपकरणों के उत्पादन पर है। ये सेक्टर काफी तेजी से उभर रहा है और फिलहाल इसमें चीन से एक्सपोर्ट होने वाले सामानों का काफी बोलबाला है। खबरों के मुताबिक, पतंजलि सोलर सेक्टर में उतरने जा रही हैं। कंपनी का मानना है कि सोलर पॉवर के साथ भारत के हर परिवार को बिजली दी जा सकती है और कंपनी इस काम को पूरा करना चाहती है।

100 करोड़ का निवश करेगी पतंजलि

आपको बता दें पतंजलि इसमें पूरे 100 करोड़ रूपए का निवेश करने का प्लान बना रही है। इस इनवेस्टमेंट से ग्रेटर नोएडा में फैक्ट्री लगाई जाएगी। साल की शुरूआत में ही पतंजलि ने नेविगेशन में मदद करने वाले उपकरण बनाने वाली कंपनी अडवांस नेविगेशन एंड सोलर टेक्नोलॉजी को एक्वायर कर लिया है। फिलहाल इस कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग कपैसिटी 120 मेगावॉट की है। पतंजलि ऐसे नए क्षेत्रों में निवेश कर रही है, जिसमें उसकी अपनी अलग क्षमताओं से बड़ी मदद मिल सके। बाबा रामदेव की शानदार ब्रैंड पावर पतंजलि की सेल बढ़ाने में काफी मददगार हो सकती है।

सोलर मार्केट में भरा है भारत का सामान

भारत में अभी सौर उर्जा को लेकर काफी ज़्यादा चलन हो गया है। सरकार द्वारा इसे प्रमोट करने के बाद लोग भी काफी जागरूक हो गए है। इसे देखते हुए एक्सपर्ट्स का कहना है कि आगे चलकर इसमें काफी स्कोप है। फिलहाल भारत का सोलर मार्केट चीनी चीज़ों से भरा हैं। हाल ही में खराब गुणवत्ता वाले चीनी सोलर मॉड्यूल्स की रिपोर्टें आई थीं, जिसे डेवलपर्स ने खारिज कर दिया तो ये सामान भारतीय बाज़ार में काफी सस्ते रेट पर बेचे गए।

सरकार का है ये प्लान

सरकार 2022 तक 175 गीगा वॉट नवीकरणीय ऊर्जा हासिल करने की तैयारी कर रही है। वैसे, सरकार इस बात को लेकर आश्वस्त है कि इस टारगेट को आसानी से हासिल कर लिया जाएगा, लेकिन इसके साथ ही सोलर उपकरणों, विंड प्रॉजेक्ट्स पर भी जोर दिया जा रहा है। भारत को अपने बेस 60 गीगा वॉट को पांच साल में टारगेट तक पहुंचाने के लिए काफी प्रयास करने होंगे।

चीन की कंपनी पर लगी है रोक

कुछ दिन पहले ही सोलर पैनल बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी, चीन की कंपनी ट्रीना सोलर ने मेक इन इंडिया प्लान के तहत 1000 मेगावॉट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की योजना पर रोक लगा दी। इन सबके बावजूद पतंजलि को इस सेक्टर में फायदा मिल सकता है क्योंकि बाबा रामदेव के फोल्लोवेर्स की काफी आबादी है।

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