Wednesday, November 22nd, 2017 01:59 AM
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गरीब फ्रिज “घड़े” के फायदे अनेक




Health & Food

 pot

गर्मी आ गई है, और इस मौसम में हम सभी फ्रीज के पानी को ज्यादा महत्व देते हैं। तपती गर्मी में ठंडा पानी ही प्यास बुझाता है। पर इस नए दौर में हम हमारे पुराने फ्रिज,मिट्टी के घड़े को भूल गए हैं,जिसका पानी शीतलता तो देता ही साथ ही अनेक गुणकारी लाभ भी है, इसके जल में। हम में से बहुत से लोगों को पता ही नहीं है, कि घड़े का पानी अमृत के समान होता है। इससे पेट से जुड़ी कई समस्याएं दूर होती हैं, साथ ही मिट्टी का घड़ा पानी में मौजूद विषैले पदार्थ सोख लेता है। इस गरीब मटके के पानी के फायदे अनेक हैं, तो हैं ना, सस्ते दाम में महंगा सौदा-

मिट्टी में कई रोगों से लड़ने की क्षमता
बहुत से घरों में आज भी पानी मटके में रखा जाता है, क्योंकि उन घरों के लोगों को पता होता हैं, कि मिट्टी में कई प्रकार के रोगो से लड़ने की क्षमता होती है। जानकारों के अनुसार भी मिट्टी के बर्तनों में पानी रखने से उसमें मिट्टी के गुण आ जाते हैं, जो सेहत के लिए लाभकारी है। पहले के दौर में मिट्टी का कई चीजों में इस्तेमाल होता था, जैसे मट्टी के बर्तनों में खाना पकाया जाता था, घाव भरने के लिए मिट्टी का प्रयोग किया जाता था। इस मिट्टी के घड़े के भी कई फायदे हैं।

एसिडिटी की समस्या में राहत– घड़े के पानी में क्षारीय गुण विद्यमान होतो हैं, जो की अम्लता के साथ प्रभावित होकर उचित पीएच संतुलन प्रदान करता है। इस पानी को पीने से एसिडिटी की समस्या तो दूर होती ही है, साथ ही पेट दर्द में भी मदद मिलती हैं।

water pot

घड़े का पानी शुद्ध – नियमित रुप से घड़े का पानी पीने से प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा मिलता है। प्लास्टिक की बोतलों में पानी स्टोर करने से उसमें प्लास्टिक की अशुद्धियां जमा हो जाती है, और वो पानी को अशुद्ध कर देती है। जबकि घड़े में स्टोर किया गए पानी में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ जाता है।

गर्भवती महिलाओं के लिए लाभकारी- फ्रीज का पानी गर्भवती महिला के साथ शिशु की सेहत पर भी गलत प्रभाव डालता है। जबकि घड़े में रखा पानी शुद्ध होने के साथ माता और शिशु दोनों की सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है, घड़े की सौंधी खुशबी माता को खुशमिजाज भी बनाती है।

विषैले पदार्थों को सोखने में सहायक- मिट्टी वाटर प्यूरीफायर कि ही तरह काम करती है,पानी में मौजूद सूक्ष्म तत्व मिट्टी के संपर्क में आते ही नष्ट हो जाते हैं। घड़े में रखा पानी सही तापमान में रहता है, न ज्यादा गर्म न ही ज्यादा ठंडा। घड़े में सूक्ष्म छिद्र होते हैं, जो वाष्पीकरण की क्रिया पर पानी को ठंडा करते हैं। इस क्रिया में थोड़ा-थोड़ा पानी मटके से बाहर निकलता रहता है, और विषाणु नष्ट होते रहते हैं।

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