page level


Friday, December 15th, 2017 09:13 PM
Flash




काले धन की लड़ाई में मोदी सरकार को मिली एक और सफलता




काले धन की लड़ाई में मोदी सरकार को मिली एक और सफलताBusiness

Sponsored




जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है तभी से ही काले धन के खिलाफ है और शायद यह वजह है की पिछले साल के अंत में सरकर ने नोटबंदी लागू कर काले धन वालो के खिलाफ शिंकजा कसा था. इसके बाद सरकार ने इसी साल 2,09,032 कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया था, और इनके बैंक खातों को फ्रीज़ कर दिया गया था.

अब 13 बैंकों ने इनमें से कुछ संदिग्ध कंपनियों के बैंक खातों में नोटबंदी के बाद और फ्रीज़ किए जाने तक की अवधि के दौरान की गई जमा-निकासी का ब्योरा सरकार को सौंपा है. दरअसल बैंकों द्वारा ब्योरा की पहली सूची सौपी गई है. जिसमें दो लाख से भी ज़्यादा कंपनियों में से सिर्फ 5,800 कंपनियों के 13,140 बैंक खातों की जानकारी दी गई है. चौंकाने वाले बात तो यह है कि इनमें से एक कंपनी के नाम कुल 2,134 बैंक खाते है, जबकि कई अन्य के नाम 900 खाते भी है.

सबसे अहम जानकारी जो ब्योरा में दी गई है वह यह है कि नोटबंदी के बाद से ही कई कंपनियों ने अपने खातों में बड़ी-बड़ी रकमें जमा करवाईं और निकाली. जबकि नोटबंदी के समय इन खातों में नेगेटिव बैलेंस था. ब्योरा में बताया गया है कि 5,800 कंपनियों के खातों में 8 नवंबर, 2016 को उनके पास कुल 22.05 करोड़ रुपये की रकम बची थी. लेकिन 9 नवंबर, 2016 (नोटबंदी का लागू होना) से रजिस्ट्रेशन रद्द किए जाने तक की अवधि में इन कंपनियों ने 4573.87 करोड़ रुपये की रकमें जमा करवाईं, और लगभग इतनी ही रकम, यानी 4,552 करोड़ रुपये की निकासी भी की.

Sponsored






Loading…

Subscribe

यूथ से जुड़ी इंट्रेस्टिंग ख़बरें पाने के लिए सब्सक्राइब करें