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Saturday, December 16th, 2017 09:39 PM
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अब बुलेट में नहीं आएगी दमदार आवाज़, जानिए क्यों?




अब बुलेट में नहीं आएगी दमदार आवाज़, जानिए क्यों?Auto & Technology

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बुलेट रखना हर किसी के लिए शान की बात होती है क्योंकि उसका लुक बहुत ही दमदार लगता है और दूसरा उसकी आवाज़ बहुत दमदार है। जहां से भी निकलती है लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच ही लेती है। हर कोई बुलेट की आवाज़ का दीवाना है लेकिन जरा सोचिए अगर बुलेट की दमदार आवाज़ न हो तो क्या होगा?

ऐसा शायद सोचना भी असंभव लगता है ‘बुलेट’ की असली पहचान तो वही है। लेकिन आने वाले कुछ सालों में बुलेट में उतनी ही आवाज़ आएगी जितनी कि घर के रेफ्रिजरेटर में आती है। आपको शायद विश्वास न हो लेकिन आने वाले कुछ ही सालों में पूरी मोटर साइकिल इंडस्ट्री में बड़ा चेंज आने वाला है। आइए आपको इस चेंज के बारे में बताते हैं।

दरअसल मोदी सरकार 2030 तक सभी डीजल और पेट्रोल से चलने वाले व्हीकल को खत्म कर इलेक्ट्रिक गाड़ियां शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। ऐसे में रॉयल इनफील्ड भी इलेक्ट्रिक इंजन पर काम करेगी। ऐसे में इतनी दमदार आवाज वाली बुलेट बनाना शायद ही संभव हो पाए।

मुंबई बेस्ड एक ऑटोमोबिल कंपनी के इंजीनियर का कहना है कि रॉयल एनफील्ड का पुराना इंजन कच्चे लोहे से बना था, जो दमदार साउंड करता था. इसके बाद इसके इंजन को एल्युमिनियम से बनाया गया जिससे इसके दमदार साउंड में थोड़ा कमी आई अगर रॉयल एनफील्ड में इलेक्ट्रिक इंजन लगेगा तो ये इसके साउंड को एकदम साइलेंट कर देगा। ऐसे में कंपनी फेक ऑडियो यूनिट लगाकर ही रॉयल एनफील्ड के दमदार साउंड बचा सकती है।

रॉयल एनफील्ड मोटर्स, आइशर मोटर्स का पार्ट है. आइशर मोटर्स ने हाल ही 650सीसी की बाइक्स- इंटरसेप्टर और कॉन्टीनेंटल जीटी के लिए खुद को अपग्रेड किया है. हालांकि, कंपनी भी टू व्हीलर्स इंडस्ट्री में हो रहे इस बदलाव को लेकर थोड़ा चिंतित है. कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सिद्धार्थ लाल का कहना है कि इलेक्ट्रिक बाइक का टेक्नोलॉजी और बिजनेस मॉडल जरूरी है. हालांकि, हम इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के साथ मार्केट में सबसे पहले नहीं होगे. हम अगले पांच से 10 साल के टाइम फ्रेम के लिए डिफरेंट कॉन्सेप्ट और आईडिया पर काम कर रहे हैं. ऐसे में रॉयल एनफील्ड के लिए इलेक्ट्रिक सॉल्यूशन का एक्सेस बड़ी समस्या नहीं होगी.

वहीं मार्केट में मौजूद दूसरी टू व्हीलर कंपनियां रॉयल एनफील्ड को कड़ी चुनौती दे रही हैं. बजाज ऑटो पहले ही 2020 तक बाजार में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल उतारने का वादा कर चुकी है. वहीं कई स्टार्टअप्स भी अपने बैटरी-पावर्ड मोटरसाइकिल पर काम कर रहे हैं, जो कि 3.5 सेकेंड में 0 से 100 किलोमीटर की रफ्तार पकड़ने में सक्षम होंगे. इनकी टॉप स्पीड 170 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है. सिद्धार्थ लाल का कहना है कि अगले 5 से 8 साल में अगर बैटरी के दामों में कटौती होती है तो हम इस दिशा में सोच सकते हैं. हम इसके लिए स्विडिश कंपनी टवसअव के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. टवसअव कई इलेक्ट्रिक व्हीकल प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है और कई इलेक्ट्रिक गाड़ियां बाजार में भी आ चुकी हैं. इसके अलावा टवसअव की इलेक्ट्रिक बस भी चल रही है.

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