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Monday, July 23rd, 2018 12:14 AM
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दसवीं पास हैं तो खोले गैस एजेंसी, सरकार दे रही है मौका




दसवीं पास हैं तो खोले गैस एजेंसी, सरकार दे रही है मौकाEducation & Career



सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां तेजी से बढ़ते उपभोक्ताओं तक अपनी पहुंच को बढ़ाने के लिए एक साल के अंदर अपने एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में एक तिहाई तक वृद्धि करने का लक्ष्य रखा है। इस डिस्ट्रीब्यूशन को खास कर ग्रामीण इलाकों में अधिक बढ़ाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक एलपीजी कनेक्शन में जिस तेजी से वृद्धि हुई है उसको ध्यान में रखते हुए है डिस्ट्रब्यूटर की तरफ ध्यान दिया जा रहा है। 1 अप्रैल 2015 से लेकर इस साल 30 सितंबर के दौरान घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं की संख्या 21.4 करोड़ हो गई है, बल्कि डिस्ट्रब्यूटर की संख्या बढ़कर 19,200 हुई है।

सरकार अब नए डिस्ट्रीब्यूटर बनाने के लिए तेल कंपनियों पर दबाव बना रही है कि जल्द से जल्द ऑपरेशनल बनाएं। तेल मंत्रालय से एक अधिकारी ने बताया कि मार्च 2019 तक 5000 नए एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का टारगेट रखा है। सरकार पहले ही 2000 नए लाइसेंस जारी कर चुकी है। वही तकरीबन 600 आवेदकों का चयन लॉटरी के जरिये किया जा चुका है और मार्च 2018 तक अन्य 3400 आवेदकों का चयन किया जाएगा।

आपको बता दें कि तेल कंपनी से लाइसेंस मिलने के बाद एक कुकिंग गैस डिस्ट्रीब्यूशन एजेंसी को चालू करने में सामान्यतौर पर एक साल का समय लग जाता है। इसमें तमाम स्थानीय नियामकीय मंजूरियां लेने के साथ ही साथ ऑफिस और गोदाम निर्माण भी शामिल है। नए डिस्ट्रीब्यूटर्स विशेषकर उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और महाराष्ट्र में बनाए जाएंगे, क्योंकि इन्हीं राज्यों में उपभोक्ताओं की संख्या सबसे ज्यादा बढ़ी है।

गैस डीलर बनने की प्रक्रिया

देश की तीन गर्वनमेंट कंपनियां इंडेन, एचपी गैस और भारत गैस सालभर में डीलर बनाने के लिए आवेदन मांगती है। आपको बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार की राजीव गांधी ग्रामीण एलपीजी वितरक योजना के द्वारा भी आवेदन किया जा सकता है। आवेदन करने के बाद एक निर्धारित तिथि पर कैंडिडेट इंटरव्यू लिया जाता है। विभिन्न पैमानों पर नंबर दिया जाता है। इन्हीं नंबरों के विभिन्न पैरामीटर्स आधार पर कैंडिडेट का वेरिफिकेशन किया जाता है।

फील्ड वैरिफिकेशन

वेरिफिकेशन होने के बाद कंपनी जमीन से लेकर सभी अन्य बातों की गहन पड़ताल की जाती है। इसके बाद में गैस एजेंसी अलॉट की जाती है, जिसके लिए एक समय दिया जाता है। इसके बाद ही गैस एजेंसी शुरू की जाती है। इसमें जमीन से लेकर सभी अन्य बातों की गहन पड़ताल की जाती है। इसके बाद ही गैस एजेंसी अलॉट की जाती है। इसके लिए कैंडिडेट को एक तय समय सीमा दी जाती है। इसके भीतर ही उसे गैस एजेंसी शुरू करनी होती है।

एजेंसी हासिल करने की शर्तें

एजेंसी शुरू करने के लिए सबसे जरूरी शर्त परमानेंट एड्रेस और जमीन होना। इसके साथ ही गैस एजेंसी ऑफिस और गौदाम के लिए पर्याप्त स्थान होना जरूरी है। सबसे जरूरी यह एजेंसी लेने के लिए कैंडिडेट का 10वीं पास होना चाहिए। इसके साथ ही आपके पास बैंक बैलेंस और डिपॉजिट राशि भी होना चाहिए।

सरकार के इन मापदंडो पर मिलता रिजर्वेशन

गैस एजेंसी लेने के लिए सरकार ने मापदंडों के आधार पर रिजर्वेशन दिया है। 50 फीसदी रिजर्वेशन सामान्य श्रेणी के लिए तय किया गया है और 50 फीसदी दूसरें लोगों के लिए। अनुसूचित जाति, सामाजिक रूप से असक्षम लोगों, खिलाड़ी, सशस्त्र बल, पुलिस, सरकारी कर्मचारियों, भूतपूर्व सैनिक को यह आरक्षण दिया जाता है।

जमीन और डिस्ट्रिब्यूशन चैनल जरूरी

अगर आप यह एजेंसी ले रहे है तो यह सुनिश्चित करें कि आपके पास में पर्याप्त जमीन और सिलेंडर डिलेवरी के लिए पर्याप्त मात्रा में स्टाफ होना जरूरी हो। गोदाम के लिए कपंनी मानक तय करती है जिसमें आकार, सुरक्षा के इंतजाम शामिल होते है।

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