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Tuesday, December 12th, 2017 11:39 PM
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इन 6 लोगों के श्राप बने रावण के विनाश का कारण




इन 6 लोगों के श्राप बने रावण के विनाश का कारणArt & Culture

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हम सभी जानते हैं कि रावण बहुत ही पराक्रमी और बलशाली योद्धा था। रावण ने अपने जीवन में कई युद्ध किए और उनमें से बहुत सारे युद्ध तो अकेले ही जीत लिए थे। ऐसे में ये सवाल मन में उठता है कि अगर रावण इतना ही बलशाली था तो उसका सर्वनाश कैसे हो गया? रावण के अंत का कारण श्रीराम की शक्ति तो थी ही लेकिन रावण को उन लोगों का श्राप भी लगा था जिनके साथ रावण ने बुरा किया था। तो आइए जानते हैं रावण को किन-किन लोगों ने दिए थे क्या-क्या श्राप…

अनरण्य

1

रघुवंश में एक परम प्रतापी राजा थे, जिनका नाम अनरण्य था। जब रावण विश्वविजय करने निकला तो राजा अनरण्य से उसका भयंकर युद्ध हुआ। उस युद्ध में राजा अनरण्य की मृत्यु हो गई लेकिन मरने से पहले उन्होंने रावण को श्राप दिया कि मेरे ही वंश में जन्मा एक युवक तेरी मृत्यु का कारण बनेगा।

नंदी

2

एक बार रावण भगवान शंकर से मिलने कैलाश गया। वहां उसने नंदीजी को देखकर उनकेद रूप की हंसी उड़ाई और उन्हें बंदर के समान मुख वाला कहा। तब नंदीजी ने रावण को श्राप दिया कि बंदरों के कारण ही तेरा सर्वनाश होगा।

माया

3

रावण ने अपनी पत्नी की बड़ी बहन माया के साथ भी छल किया था। माया के पति शंभर वैजयंतपुर के राजा थे। एक दिन रावण शंभर के यहां गया। वहां रावण ने माया को अपनी बातों में फंसा लिया। इस बात का पता लगते ही शंभर ने रावण को बंदी बना लिया। उसी समय शंभर पर राजा दशरथ ने आक्रमण कर दिया। उस युद्ध में शंभर की मृत्यु हो गई। जब माया सती होने लगी तो रावण ने उसे अपने साथ चलने को कहा। तब माया ने कहा कि तुमने वासनायुक्त मेरा सतित्व भंग करने का प्रयास किया इसलिए मेरे पति की मृत्यु हो गई। अतः तुम भी स्त्री की वासना के कारण मारे जाओगे।

तपस्विनी

4

एक बार रावण अपने पुष्पक विमान से कहीं जा रहा था। तभी उसे एक सुंदर स्त्री दिखाई दी, जो भगवान विष्णु को पति रूप में पाने के लिए तपस्या कर रही थी। रावण ने उसके बाल पकड़े और अपने साथ चलने को कहा। उस तपस्विनी ने उसी क्षण अपनी देह त्याग दी और रावण को श्राप दिया कि एक स्त्री के कारण ही तेरी मृत्यु होगी।

रंभा

5

विश्वविजय करने के लिए जब रावण स्वर्ग लोक पहुंचा तो उसे वहां रंभा नाम की अप्सरा दिखाई दी। तो रावण ने उसे पकड़ लिया। तब उस अप्सरा ने कहा कि आप मुझे इस तरह से स्पर्श न करें, मैं आपके बड़े भाई कुबेर के बेटे नलकुबेर के लिए आरक्षित हूं इसलिए मैं आपकी पुत्रवधू के समान हूं। लेकिन रावण नहीं माना। यह बात जब नलकुबेर को पता चली तो उसने रावण को श्राप दिया कि आज के बाद रावण बिना किसी स्त्री की इच्छा के उसको स्पर्श करेगा तो रावण का मस्तक सौ टुकड़ों में बंट जाएंगे।

शूर्पणखा

6

रावण की बहन शूर्पणखा के पति का नाम विद्युतजिव्ह था। वो कालकेय नाम के राजा का सेनापति था। रावण जब विश्वयुद्ध पर निकला तो कालकेय से उसका युद्ध हुआ। उस युद्ध में रावण ने विद्युतजिव्ह का वध कर दिया। तब शूर्पणखा ने मन ही मन रावण को श्राप दिया कि मेरे ही कारण तेरा सर्वनाश होगा।

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