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Saturday, September 22nd, 2018 10:43 PM
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AG 2018: खेल के दौरान काफी दर्द में थी स्वप्ना , उनकी जिद ने दिला दिया Gold




AG 2018: खेल के दौरान काफी दर्द में थी  स्वप्ना , उनकी जिद ने दिला दिया GoldSports



 स्वप्ना बर्मन ने 18वें एशियन खेलों के 11 वें दिन महिलाओं की हेप्टाथलान स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। स्वप्ना के परिवार और पूरे देश के लिए ये गौरव की बात है। गोल्ड जीतने के बाद स्वप्ना ने बताया कि- खेल के दौरान वह काफी दर्द में थीं। एक तो दांतों में दर्द की वजह से उन्हें दाएं भाग में टेप लगाकर इवेंट में हिस्सा लेना पड़ा और दूसरा सबसे बड़ा कारण है उनके जूते।  बता दें कि स्वप्ना चाहती हैं कि उन्हें कस्टमाइज जूते मिल जाए, ताकि उन्हें उस दर्द का सामना न करना पड़े, जो उन्होंने खेल के दौरान सहा है।

दरअसल, स्वप्ना ने इवेंट में कस्टमाइज्ड जूतों की मांग रखी है। यह अपील उन्होंने अपने असामान्य पैरों की वजह से की है। स्वप्ना के पैरों में पांच नहीं बल्कि छह-छह उंगलियां हैं, जिस कारण उनका पैर सामान्य जूतों में फिट नहीं आता। उनके लिए ऐसे शूज खरीदना बहुत मुश्किल होता है। खेल के दौरान भी उन्हें साधारण पांच उंगली वाले जूते पहनकर मुकाबला करना पड़ा। स्वप्रा कहती हैं कि ट्रेनिंग के दौरान काफी दर्द होता है। इसके साथ ही घुटने की चोट ने भी परेशान कर दिया था, लेकिन हौंसले बुलंद थे, तो इन सब बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं गया। मेरा ध्यान मेरी जीत पर था।

स्वप्ना अंडरग्रेजुएट हैं और इन दिनों अपने फाइनल रिजल्ट का इंतजार कर रही हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या वो कस्टमाइज जूते बनवाना चाहेंगी, तो उन्होंने कहा – अगर ऐसा हो जाए, तो ये मेरे लिए बहुत आसान हो जाएगा।

कभी ट्रेनिंग का खर्च उठाना भी था मुश्किल-

स्वप्ना का परिवार काफी गरीब है। बर्मन के पिता रिक् शा चलाया करते थे और मां छोटे से टी प्लांट में काम करती थीं। लेकिन पिछले कई सालों से पिता ब्रेन स्ट्रोक के कारण बिस्तर पर थे। इसलिए मां भी नौकरी छोड़ पिता की देखभाल कर रही हैं। स्वप्ना के बचपन के कोच सुकांत सिन्हा बताते हैं कि एक समय था जब स्व प्रा के लिए महंगी चीजों को खरीदना काफी मुश्किल था। यहां तक की उसके पास ट्रेनिंग की फीस देने के लिए भी पैसे नहीं होते थे। जब स्वप्रा चौंथी क्लास में थी, तब ही मैंने उनमें ये प्रतिभा परख ली थी और ट्रेनिंग देना शुरू किया।

स्वप्रा का जन्म 29 अक्टूबर 1996 में पंश्चिम बंगाल के जलपायगुड़ी में हुआ था। उन्होंने 2017 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हेप्टाथलाइन में कदम रखा था। तब 800 मीटर में उन्होंने चौथा स्थान हासिल किया था। 18वें एशियन गेम्स में बुधवार को स्वप्ना ने 100 मीटर में हीट-2 में 981 अंकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया था। ऊंची कूद में 1003 अंकों के साथ पहले स्थान पर कब्जा जमाया। गोला फेंक में वह 707 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। 200 मीटर रेस में उसने हीट-2 में 790 अंक लिए।

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